बठिंडा में युवाओं को दी गई जैविक खेती की ट्रेनिंग

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

  • पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्राकृतिक खाद, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण की दी जानकारी
  • रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के लिए युवाओं को किया जागरूक

बठिंडा, 20 अक्टूबर। (सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार, साहिल रहेजा)

मेरा युवा भारत बठिंडा, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से युवाओं को जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 14 से 18 अक्टूबर तक गांव सिरिएवाला स्थित गिल नर्सरी में आयोजित हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान युवाओं को जैविक खेती की विभिन्न तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि खेती में प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में प्राकृतिक खाद के उपयोग, पौधों की उचित देखभाल तथा रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। युवाओं को जैविक खेती के महत्व और कृषि क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को जैविक खेती के प्रति जागरूक करना, उन्हें टिकाऊ कृषि के तरीकों से परिचित कराना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।

 

[wps_visitor_counter]