- डीएम उदिता सिंह ने समाहरणालय से दिखाई हरी झंडी, 12 दिनों तक 72 संवेदनशील पंचायतों में चलेगा जागरूकता अभियान
- एलईडी स्क्रीन, वीडियो और मॉकड्रिल के जरिए ग्रामीणों को सिखाए जाएंगे बचाव के उपाय; ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करने के लिए भी किया जाएगा प्रेरित
नेशन स्टेशन न्यूज़ | ब्यूरो रिपोर्ट: अभिजीत कुमार झा
बिहारशरीफ, 16 अक्टूबर 2026। नालंदा जिले में आकाशीय बिजली (वज्रपात) से होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने समाहरणालय परिसर से एलईडी स्क्रीन युक्त तीन वज्रपात सुरक्षा रथों को हरी झंडी दिखाकर जिले की विभिन्न पंचायतों के लिए रवाना किया। इन रथों के माध्यम से ग्रामीणों को वज्रपात के खतरों और उससे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी जाएगी।
जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को जागरूक करना है, ताकि खराब मौसम के दौरान वे सतर्क रहें और संभावित दुर्घटनाओं से बच सकें।
12 दिनों में 72 संवेदनशील पंचायतों तक पहुंचेगा अभियान
प्रशासन के अनुसार, तीनों सुरक्षा रथ अगले 12 दिनों तक जिले के सभी 20 प्रखंडों की 72 संवेदनशील पंचायतों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान गांव-गांव पहुंचकर लोगों को गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।
अभियान में लोगों को बताया जाएगा कि वज्रपात की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और अन्य असुरक्षित स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में पहुंचना और मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर न निकलना महत्वपूर्ण है।
एलईडी स्क्रीन से होगा जागरूकता कार्यक्रम
वज्रपात सुरक्षा रथों में पी6 एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम लगाए गए हैं। इनके माध्यम से वीडियो और दृश्य-श्रव्य सामग्री दिखाकर लोगों को वज्रपात से बचाव के तरीके समझाए जाएंगे। इसका उद्देश्य सुरक्षा संबंधी संदेशों को सरल और प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुंचाना है।
प्रत्येक रथ के साथ दो प्रशिक्षित आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। ये आपदा मित्र ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी देने के साथ-साथ पम्पलेट वितरित करेंगे और मॉकड्रिल के माध्यम से सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी करेंगे।
‘सचेत’ ऐप से मिलेगी मौसम संबंधी चेतावनी की जानकारी
अभियान के दौरान ग्रामीणों को मोबाइल फोन में ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करने और उसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को मौसम और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित पूर्व चेतावनी के महत्व के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे समय रहते सतर्क होकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा सकें।
जियो-टैग्ड डैशबोर्ड से होगी रथों की निगरानी
अभियान की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए तीनों सुरक्षा रथों की लाइव ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी एवं सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी (ADMO) के अनुसार, जियो-टैग्ड वेबसाइट डैशबोर्ड के माध्यम से वाहनों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। अभियान के विभिन्न स्थलों से लाइव फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कार्यक्रम के संचालन और निगरानी में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
सुरक्षा रथों को रवाना करने के अवसर पर अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) रंजन कुमार चौधरी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी निहारिका सिन्हा सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से जागरूकता कार्यक्रमों में दी जाने वाली जानकारी को गंभीरता से लेने और सुरक्षा संबंधी उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान से संवेदनशील पंचायतों में वज्रपात के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और प्राकृतिक आपदा के दौरान होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने में मदद मिलेगी।


