मोतिहारी में अंग्रेजों के जमाने का पुल ढहा, 13 वर्षीय किशोर की मौत

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  • बचाव कार्य के दौरान दोबारा गिरा पुल का हिस्सा, थाना प्रभारी समेत कई लोग घायल
  • जर्जर पुल की स्थिति पर उठे सवाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार

नेशन स्टेशन न्यूज़

मोतिहारी, बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट — अभिजीत झा

मोतिहारी, 11 अक्टूबर। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में कछुआ नदी पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुराना पुल ढहने से बड़ा हादसा हो गया। पुल का एक हिस्सा अचानक गिरने से मलबे में दबकर 13 वर्षीय किशोर छोटू कुमार की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य के दौरान पुल का एक और हिस्सा ढह गया, जिसकी चपेट में आने से शिकारगंज थाना प्रभारी गोपाल कुमार, गांव के मुखिया और पंचायत समिति सदस्य समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घास काटने जा रहे ग्रामीण हादसे की चपेट में आए

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सिकरहना अनुमंडल के शिकारगंज थाना क्षेत्र स्थित भगवतपुर भलुआहिया गांव की है। रविवार सुबह कुछ ग्रामीण घास काटने के लिए कछुआ नदी पर बने पुराने पुल को पार कर रहे थे। इसी दौरान पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। पुल टूटने से वहां से गुजर रहे लोग मलबे में दब गए।

हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। दुर्घटना में 13 वर्षीय छोटू कुमार की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। किशोर की मौत से परिवार में मातम पसरा है।

बचाव के दौरान दूसरी बार गिरा पुल, पुलिसकर्मी भी घायल

पहली दुर्घटना के बाद पुलिस और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे। इसी दौरान पुल का एक और हिस्सा अचानक ढह गया। दूसरी बार हुए इस हादसे में शिकारगंज थाना प्रभारी गोपाल कुमार, गांव के मुखिया और पंचायत समिति सदस्य समेत कई लोग घायल हो गए। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इन तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई।

घटना के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। मृतक किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा गया। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के अनुसार, घटना की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था। पुल ढहने के कारणों और उसकी वास्तविक स्थिति के बारे में जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

पुराने पुलों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पुराने पुलों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या पुल की जर्जर स्थिति की पहले से तकनीकी जांच कराई गई थी? क्या संबंधित विभाग को इसकी कमजोर संरचना की जानकारी थी? यदि पुल की हालत खराब थी, तो वहां आवागमन रोकने और लोगों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए थे?

इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल एक किशोर की मौत और बचाव कार्य के दौरान कई लोगों के घायल होने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुराने पुलों की समय पर जांच, आवश्यक मरम्मत और जोखिम वाले स्थानों पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना अब महत्वपूर्ण हो गया है।

नेशन स्टेशन न्यूज़ इस मामले में प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पर नजर बनाए रखेगा।

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