बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज, प्रशांत किशोर और नीरज कुमार आमने-सामने

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  • पटना स्नातक सीट पर जदयू और जन सुराज के बीच मुकाबला चर्चा में, अनंत सिंह के समर्थन के रुख से बढ़ी राजनीतिक हलचल
  • नीतीश कुमार को प्रशांत किशोर की चुनौती, 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को होगी मतगणना
  • नेशन स्टेशन न्यूज़ | पटना, बिहार

ब्यूरो रिपोर्ट — अभिजीत झा

पटना। बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधान पार्षद एवं उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग ने चुनावी माहौल को चर्चा में ला दिया है। प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी चुनौती दी।

प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार पर साधा निशाना

पटना में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार अपनी राजनीतिक हैसियत से अधिक बोल रहे थे और उन्हें राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाएगा।

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह सार्वजनिक रूप से सामने आकर नीरज कुमार के समर्थन में बयान देते हैं, तो वह अपने उम्मीदवार को वापस लेने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद पटना स्नातक सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।

पटना स्नातक सीट पर जदयू और जन सुराज के उम्मीदवार

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने अनुज कुमार सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।

इस मुकाबले में उस समय नया राजनीतिक मोड़ आया, जब मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए जन सुराज प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने की बात कही। इस घटनाक्रम से जदयू के भीतर मतभेदों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस रुख का चुनावी परिणाम पर कितना असर पड़ेगा, यह मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के मुद्दे भी अहम

विधान परिषद चुनाव में राजनीतिक बयानबाजी के साथ शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों के अधिकार, वेतनमान और स्नातक मतदाताओं की अपेक्षाएं भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। विभिन्न दल और उम्मीदवार अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं।

मतदाताओं के लिए उम्मीदवारों की राजनीतिक स्थिति के साथ उनके मुद्दों, प्राथमिकताओं और शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े सवालों पर रुख भी महत्वपूर्ण रहेगा।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना

बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। जन सुराज ने भी सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की बात कही है।

फिलहाल, पटना स्नातक सीट पर प्रशांत किशोर, नीरज कुमार और अनुज कुमार सिंह से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। चुनावी मुकाबले में उम्मीदवारों की रणनीति, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ही इस सीट पर विभिन्न राजनीतिक दावों और रणनीतियों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

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