विराट किसान मेला: बाढ़-अतिवृष्टि से बर्बाद फसलों का हर किसान को मिलेगा मुआवजा

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

  • तीन दिवसीय विराट किसान मेले का भव्य समापन, 8 जिलों से पहुंचे करीब 1,400 किसान
  • बीज भंडार पर 50 फीसदी सीधी छूट, खाद की ऑनलाइन बुकिंग और फार्मर रजिस्ट्री पर जोर

रामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के सेवा संकल्प अभियान-2026 एवं कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम योजना के तहत सांस्कृतिक स्थल सद्भावना केंद्र, पनवड़िया (बरेली रोड) में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तरीय विराट किसान मेला गुरुवार को भव्य समापन के साथ संपन्न हुआ।

एग्रोक्लाइमेटिक जोन-1 (भावर एवं तराई जोन) के इस आयोजन में रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और श्रावस्ती समेत आठ जनपदों से करीब 1,400 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, उद्यान और फसल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजे का भरोसा

समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हालिया अत्यधिक वर्षा, बाढ़ और जलभराव से जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उनका स्थलीय सर्वे कराया जाएगा। इसके आधार पर पात्र किसानों को फसल क्षति का उचित मुआवजा दिलाने की बात कही गई।

इस दौरान राज्य मंत्री ने 10 चयनित किसानों को उन्नत प्रजाति के मटर बीज मिनीकिट नि:शुल्क वितरित किए।

बीज पर 50 फीसदी छूट, बिचौलियों से राहत

राज्य मंत्री ने कहा कि किसानों को प्रमाणित एवं अधिक उत्पादन देने वाली बीज प्रजातियां अब सीधे बीज भंडारों पर 50 प्रतिशत की सीधी छूट के साथ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और अनावश्यक बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, निजी नलकूपों के बिजली बिल में राहत, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रमाणित बीज तथा पीएम कुसुम सोलर पंप जैसी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही किसानों से प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और फल-बागवानी को बढ़ावा देने की अपील की।

वैज्ञानिकों से सीधे संपर्क में रहें किसान

मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने कहा कि तीन दिवसीय मेले में किसानों को कृषि, उद्यान, रेशम, पशुपालन, गन्ना विकास और आधुनिक कृषि यंत्रों से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि किसान कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों के मोबाइल नंबर अपने फोन में सुरक्षित रखें, ताकि खेत में कीट प्रकोप अथवा फसल रोग जैसी समस्या सामने आने पर विशेषज्ञों से तत्काल सलाह ली जा सके।

खाद की ऑनलाइन बुकिंग और फार्मर रजिस्ट्री पर जोर

उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए शेष किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में डीबीटी और विभिन्न अनुदान योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत रासायनिक उर्वरकों की ऑनलाइन एवं पारदर्शी बुकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रबी सीजन के लिए जिले में खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

भूमि संरक्षण अधिकारी हर्षित कुमार चौहान और राजकीय उद्यान अधीक्षक अजय कुमार ने मृदा स्वास्थ्य, खेत-तालाब तथा औद्यानिक योजनाओं की जानकारी दी। केवीके धमोरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. अनुज बंसल, कृषि विशेषज्ञ बलविंदर सिंह मल्ली और विनय कुमार सक्सेना ने जलवायु परिवर्तन के बीच फसल सुरक्षा और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर किसानों को जानकारी दी।

60 स्टॉलों पर दिखी आधुनिक खेती की झलक

मेले के अंतिम दिन सरकारी और निजी क्षेत्र के करीब 60 स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। यहां उन्नत कृषि यंत्र, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, श्रीअन्न, प्राकृतिक खेती, रेशम, मत्स्य पालन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, खादी ग्रामोद्योग और एफपीओ उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।

किसानों को कृषि तकनीक की जानकारी देने के लिए जादू शो, प्रेरक वीडियो और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कृषि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सही उत्तर देने वाले किसानों को बैग एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

यह प्रमुख लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक रामपुर के अध्यक्ष मोहन लाल सैनी, भाकियू प्रदेश सचिव हसीब अहमद, मिलक गन्ना समिति के चेयरमैन रजनीश पटेल, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चमरौआ मोहन कुमार लोधी, पीसीएफ के पूर्व डायरेक्टर प्रेमपाल सैनी, मुरादाबाद मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक प्रशांत कुमार तथा उप कृषि निदेशक मुरादाबाद रविकांत सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) रनवीर सिंह ने किया। अंत में भूमि संरक्षण अधिकारी हर्षित कुमार चौहान ने अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त करते हुए तीन दिवसीय विराट किसान मेले के समापन की घोषणा की।

शाहबाज़ खान, जिला संवाददाता रामपुर

[wps_visitor_counter]