औरंगाबाद में रिश्वत का खेल: लेने वाली, देने वाली और पकड़ने वाली—तीनों महिलाएं

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

  • 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी गिरफ्तार
  • जमीन से नाली बहाने के विवाद में मदद के बदले 15 हजार रुपये मांगने का आरोप

औरंगाबाद, बिहार। रिश्वतखोरी के खिलाफ बिहार निगरानी विभाग ने औरंगाबाद में कार्रवाई करते हुए वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी को कथित तौर पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई समाहरणालय परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर के कार्यालय में की गई। पटना से पहुंची निगरानी टीम ने शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया।

जमीन से नाली बहाने के विवाद में रिश्वत मांगने का आरोप

मामला टंडवा थाना क्षेत्र के सिकरिया मनिहारी गांव निवासी पूनम देवी से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि जमीन से होकर नाली बहाने को लेकर चल रहे विवाद में मदद और मामले का समाधान कराने के एवज में कांति कुमारी ने कथित तौर पर 15 हजार रुपये की मांग की थी।

रिश्वत की मांग से परेशान पूनम देवी ने पटना निगरानी विभाग में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से आरोपों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई की योजना तैयार की।

10 हजार रुपये लेते ही निगरानी टीम ने दबोचा

निगरानी विभाग की योजना के तहत पूनम देवी सोमवार को 10 हजार रुपये लेकर वन स्टॉप सेंटर के कार्यालय पहुंचीं। आरोप के मुताबिक जैसे ही रिश्वत की रकम कांति कुमारी को दी गई, निगरानी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की भी बात कही है।

इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि रिश्वत लेने वाली महिला, शिकायतकर्ता महिला और कार्रवाई करने वाली निगरानी टीम में शामिल अधिकारी—तीनों पक्षों में महिलाएं शामिल रहीं। कार्रवाई निगरानी डीएसपी ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में किए जाने की जानकारी सामने आई है।

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी प्रभारी को अपने साथ ले गई। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

[wps_visitor_counter]