बरसात में 40 मकानों को नुकसान, दो लोगों की मौत

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  • 48 घंटे की बूंदाबांदी से फसलों और मकानों को पहुंची क्षति, प्रशासन ने तेज की राहत-मुआवजे की प्रक्रिया
  • काशीपुर में मकान गिरने से वृद्ध महिला की मौत, रवानी पट्टी में भूसे का गोदाम गिरने से किशोर ने गंवाई जान

रामपुर से शाहबाज़ खान, जिला संवाददाता

रामपुर। जिले में पिछले 48 घंटे से हुई बूंदाबांदी और बारिश ने किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के कारण जनपद में करीब 40 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। वहीं, अलग-अलग हादसों में मकान और भूसे का गोदाम गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। बारिश से फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन कराया जा रहा है।

तहसील सदर क्षेत्र के गांव काशीपुर में बारिश के दौरान मकान गिरने से 65 वर्षीय वृद्ध महिला लाडो की मौत हो गई। वहीं शाहबाद तहसील क्षेत्र के गांव रवानी पट्टी में भूसे का गोदाम गिरने से किशोर अजीम की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने नुकसान का जायजा लेते हुए प्रभावित परिवारों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

फसलों और मकानों के नुकसान का कराया जा रहा आकलन

लगातार बारिश के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मकानों को नुकसान पहुंचा है। किसानों की फसलों पर भी बारिश का असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से फसल, मकान और जनहानि का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जा सके।

23 लाख रुपये मुआवजे की प्रक्रिया तेज

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बारिश से हुई जनहानि और संपत्ति के नुकसान को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। डीएम के मुताबिक अब तक बारिश से हुए नुकसान के संबंध में करीब 23 लाख रुपये के मुआवजे की प्रक्रिया की जा रही है।

बारिश का दौर थमने के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। कहीं किसानों की फसल प्रभावित हुई है तो कहीं लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दो परिवारों ने अपने अपनों को भी खो दिया। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

बाइट: अजय कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी रामपुर

बाइट: शाहिद, पीड़ित किसान

फाइल फोटो: मृतक लाडो और अजीम

विजुअल्स: बारिश प्रभावित क्षेत्र, क्षतिग्रस्त मकान, खेतों में फसल का नुकसान, प्रशासनिक टीम का निरीक्षण, पीड़ित परिवार।

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