- दो दिन में जलस्तर घटने की संभावना, लासा-बहादुरपुर-सुल्तानपुर में अतिरिक्त नावें चलाने के निर्देश
बीकेटी/इटौंजा, लखनऊ। गोमती नदी में आई बाढ़ से प्रभावित बीकेटी तहसील क्षेत्र के इटौंजा और आसपास के गांवों का जिलाधिकारी विशाख जी ने दौरा कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डीएम को बताया कि परिस्थितियां सामान्य रहने पर अगले दो दिनों में गोमती नदी का जलस्तर कम होने की संभावना है। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी ने प्रभावित इलाकों में बड़े आकार की अतिरिक्त नावें लगाने के निर्देश दिए। लासा, बहादुरपुर और सुल्तानपुर में दो अतिरिक्त नावें संचालित की जाएंगी।
फसलों के नुकसान का आकलन, स्वास्थ्य-पशुपालन टीमें गांवों में सक्रिय
बाढ़ के कारण प्रभावित और बर्बाद हुई फसलों का राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर आकलन कर रही हैं। वहीं पशुपालन विभाग की टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर पशुओं के उपचार और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान डीएम ने स्कूली बच्चों से भी बातचीत कर उनका हालचाल जाना। चंद्रिका देवी मार्ग पर बच्चों के पानी में उतरने, स्टंट और तैराकी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस तैनात करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित गांवों में घर-घर क्लोरीन का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीणों को आवश्यक दवाएं वितरित करने के साथ स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं। वहीं विद्युत विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
मौके पर स्वास्थ्य, विद्युत, पशु चिकित्सा, राजस्व विभाग और बीडीओ समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसी भी ग्रामीण को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


