दो दिन की बारिश में कच्चे मकान की छत भरभराकर गिरी, बुजुर्ग महिला की मौत

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  • मलबे में दबकर 65 वर्षीय लाडो ने तोड़ा दम, हादसे के बाद गांव में मचा कोहराम
  • जर्जर मकान में रहने को मजबूर था परिवार, ग्रामीणों ने सुरक्षित आवास की मांग उठाई

रामपुर। रिपोर्ट—शाहबाज खां।

गंज थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। कच्चे मकान की जर्जर छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के समय करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला लाडो चारपाई पर बैठी थीं। छत का मलबा उनके ऊपर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से दब गईं।

छत गिरने की आवाज और महिला की चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग तथा आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

वर्षों से जर्जर हालत में था मकान

परिजनों के अनुसार, महिला का मकान काफी समय से कच्चा और जर्जर हालत में था। मृतका के परिवार में उनका एक बेटा है, जो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार पक्का मकान नहीं बनवा सका। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मकान की हालत और खराब हो गई थी।

हादसे के बाद परिवार के सामने रहने के लिए सुरक्षित छत की समस्या भी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

आवास योजना के लाभ को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

हादसे ने ग्रामीण इलाकों में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी आवास योजनाओं के बावजूद गांव में कई परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।

कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पात्र परिवारों को सरकारी आवास योजना का लाभ मिलने में परेशानी होती है और कई बार उन्हें अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने आवास योजना में पात्रता के आधार पर पारदर्शी तरीके से लाभ देने तथा जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग की है।

हालांकि, आवास आवंटन में किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

बाइट: नाजिम, मृतका का बेटा

बाइट: नईम, ग्रामीण

फाइल फोटो।

विजुअल्स: क्षतिग्रस्त मकान और मलबे का दृश्य।

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