- तीसरी सीट पर दांव लगाने की तैयारी? दो उम्मीदवारों के नाम पर हो सकता है फैसला
- सुबह 11 बजे लखनऊ में जुटेंगे सपा विधायक, संख्या बल और उम्मीदवारों पर होगा मंथन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 28 सितंबर को सुबह 11 बजे लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन, पार्टी के संख्या बल और तीसरी सीट पर दावेदारी को लेकर मंथन होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। विधानसभा में सपा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर दो सीटों पर उसकी दावेदारी का गणित देखा जा रहा है। वहीं तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना पार्टी के सामने प्रमुख चुनौती होगी।
दो नामों की चर्चा, अंतिम फैसला बाकी
राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा चल रही है। मीडिया रिपोर्टों में प्रो. रामगोपाल यादव और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन के नाम संभावित उम्मीदवारों के तौर पर सामने आए हैं। हालांकि सपा की ओर से अभी इन नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 28 सितंबर की बैठक के बाद उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर साफ होने की संभावना है।
तीसरी सीट के लिए संख्या बल पर नजर
बैठक में सबसे अहम मुद्दा तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर रणनीति का हो सकता है। इस सीट पर उम्मीदवार उतारने की स्थिति में सपा को अपने मौजूदा संख्या बल के अलावा अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना पड़ेगा। संभावित तीसरे उम्मीदवार के लिए अति पिछड़े या दलित वर्ग से किसी चेहरे के नाम पर चर्चा होने की भी खबरें हैं।
राज्यसभा चुनाव में प्रथम वरीयता के मतों के आधार पर जीत का गणित तय होता है। ऐसे में सपा नेतृत्व विधायकों की संख्या, संभावित समर्थन और चुनावी समीकरणों पर विस्तार से चर्चा कर सकता है।
28 सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें
राज्यसभा चुनाव से पहले होने वाली यह बैठक सपा की आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में उम्मीदवारों के नाम, सीटों की संख्या और तीसरी सीट को लेकर पार्टी की रणनीति पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही माना जाएगा।


