- ताशका मजरा के सामने टंकी के आसपास बिना अनुमति निर्माण का आरोप, स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल
- लोग बोले—कार्रवाई के बावजूद निर्माण कैसे शुरू हुआ? आरडीए से जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग
रामपुर से शाहबाज़ खान, जिला संवाददाता
रामपुर। ताशका मजरा के सामने बनी पानी की टंकी के आसपास कथित रूप से बिना अनुमति निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन निर्माणाधीन मकानों के खिलाफ रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से पिछले दिनों सीलिंग की कार्रवाई की गई थी, वहां कुछ ही दिनों बाद दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवाते हुए संबंधित भवनों पर सील की कार्रवाई की थी और आगे निर्माण न करने की चेतावनी दी थी। आरोप है कि कार्रवाई के करीब चार दिन बाद ही मौके पर दोबारा निर्माण गतिविधियां शुरू हो गईं। इससे आरडीए की कार्रवाई और उसके प्रभावी अनुपालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीलिंग के बावजूद निर्माण शुरू होने पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण वास्तव में नियमों के विपरीत था और आरडीए ने मौके पर सील लगाई थी, तो उसके बाद दोबारा निर्माण कैसे शुरू हो गया? लोगों का सवाल है कि सीलिंग की कार्रवाई की निगरानी किस स्तर पर हुई और क्या संबंधित निर्माणकर्ताओं के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई?
लोगों ने लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि कार्रवाई के बावजूद निर्माण शुरू होने के पीछे किसी प्रकार की मिलीभगत या लेन-देन हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने आरडीए के उच्चाधिकारियों से मौके का दोबारा निरीक्षण कराने, निर्माण की अनुमति और नक्शे से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने तथा यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाए तो प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि आरडीए इस मामले में दोबारा मौके पर पहुंचकर क्या कार्रवाई करता है। क्या सील किए गए निर्माणों पर फिर से कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।


