- एनएच-35 किनारे खाली बर्तनों के साथ धरने पर बैठे ग्रामीण; पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वर्मा और व्यापार मंडल ने दिया समर्थन
अरविंद श्रीवास्तव, जिला संवाददाता
बदौसा (बांदा)। कस्बे और आपास के इलाकों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों का जल सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा। एनएच-35 के किनारे खाली बर्तनों के साथ बैठे ग्रामीणों ने नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की मांग उठाई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।
किरण वर्मा ने दिया समर्थन, अधिकारियों से वार्ता का आश्वासन
आंदोलन के तीसरे दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वर्मा धरना स्थल पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की पेयजल समस्या को लेकर अधिकारियों से वार्ता करने और समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही। इससे पहले प्रशासन की ओर से पाइपलाइन की लीकेज और तकनीकी समस्या दूर करने तथा तब तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से पानी पहुंचाने का भरोसा भी दिया गया था।
वहीं, युवा उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया। इससे आंदोलन को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक समूहों का समर्थन मिलने लगा है।
विधायक के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
धरने के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने को लेकर नाराजगी जताई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, विधायक उस समय कस्बे में मौजूद थीं, लेकिन धरना स्थल पर नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या सुनने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बदौसा, बरछा और दुबरिया सहित प्रभावित इलाकों में नियमित पेयजल आपूर्ति उनकी मुख्य मांग है। पूर्व रिपोर्टों में ग्रामीणों ने नदी टोला, बंगाली पुरवा और ढूंढपुरवा रोड तक पानी पहुंचाने की मांग भी उठाई थी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पेयजल समस्या के समाधान को लेकर है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित इलाकों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती, तब तक सत्याग्रह जारी रखने का निर्णय लिया गया है।


