सेमीकंडक्टर में बढ़ता भारत, साइबर और भू-राजनीतिक खतरों से सतर्क रहने की जरूरत

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  • अश्विनी वैष्णव की चिप उद्योग को चेतावनी—भारत की बढ़ती क्षमता से कुछ स्थापित हित प्रभावित हो सकते हैं
  • साइबर अटैक, गलत सूचना और व्यवधानों से निपटने के लिए सरकार-उद्योग को मिलकर काम करने पर जोर

नई दिल्ली। भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लेकर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सतर्क रहने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत चिप डिजाइन और निर्माण की क्षमता विकसित कर वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है, वैसे-वैसे साइबर हमलों और अन्य भू-राजनीतिक जोखिमों की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

वैष्णव ने सेमीकंडक्टर कंपनियों और डीप-टेक स्टार्टअप्स को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी। उनके मुताबिक, भारत के वैश्विक चिप बाजार में प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी के रूप में उभरने से कुछ स्थापित हितधारक इसे चुनौती के रूप में देख सकते हैं। ऐसे में संभावित साइबर हमलों और अन्य व्यवधानों से निपटने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है।

भारत की चिप क्षमता में तेजी, निवेश का बढ़ा भरोसा

भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को विस्तार देने के लिए सरकार Semicon 2.0 के तहत पूरे इकोसिस्टम पर जोर दे रही है। इसमें चिप डिजाइन, निर्माण संयंत्र, एडवांस पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और प्रतिभा विकास को शामिल किया गया है। सरकार के मुताबिक, Semicon 2.0 के तहत करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव/प्रतिबद्धताएं सामने आई हैं और इकोसिस्टम में करीब एक लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

सरकार के अनुसार, भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े पांच संयंत्रों ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है, जबकि डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को और विस्तार देने की तैयारी चल रही है। करीब 70,000 डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित किए जाने की जानकारी भी सरकार ने दी है।

साइबर सुरक्षा के साथ सप्लाई चेन की सुरक्षा भी अहम

सेमीकंडक्टर उद्योग अत्यधिक वैश्विक और जटिल सप्लाई चेन पर निर्भर है। ऐसे में साइबर सुरक्षा के अलावा कच्चे माल, मशीनरी, तकनीक और लॉजिस्टिक्स से जुड़े संभावित व्यवधान भी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकते हैं।

वैष्णव ने सरकार, उद्योग और राज्यों के बीच समन्वय की जरूरत पर जोर दिया है। उनका संदेश ऐसे समय आया है जब SEMICON India 2026 में दुनिया भर की कंपनियों की भागीदारी और भारत में नए निवेश की घोषणाओं से देश के चिप क्षेत्र में गतिविधियां तेज हुई हैं।

भारत का लक्ष्य अब केवल चिप असेंबली तक सीमित रहने के बजाय ‘Silicon to Systems’ के तहत डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग, रिसर्च और प्रतिभा विकास तक एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है। ऐसे में सुरक्षा और सप्लाई चेन की मजबूती को भी इस विस्तार का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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