- मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने माना—भारत से ब्रह्मोस खरीदने पर शुरुआती बातचीत जारी
- मोदी-अनवर मुलाकात में रक्षा सहयोग पर चर्चा, लेकिन अभी अंतिम खरीद समझौता नहीं
नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी रक्षा निर्यात को लेकर एक और अहम घटनाक्रम सामने आया है। मलेशिया ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली में रुचि दिखाई है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की है कि भारत से ब्रह्मोस के संभावित अधिग्रहण को लेकर शुरुआती बातचीत हुई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और खरीद पर निर्णय मलेशियाई वायुसेना तथा संबंधित विशेषज्ञ एजेंसियां करेंगी।
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा होने की जानकारी दी। उन्होंने भारत-मलेशिया संबंधों को विश्वास पर आधारित बताते हुए रक्षा क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने की बात कही।
ब्रह्मोस ने बढ़ाई दिलचस्पी
ब्रह्मोस भारत के DRDO और रूस की NPO Mashinostroyenia का संयुक्त उपक्रम है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है, जिसके विभिन्न संस्करणों को जमीन, समुद्र और विमान से लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है। मलेशिया की ओर से विशेष रूप से एयर-टू-सर्फेस ब्रह्मोस में संभावित रुचि की बात सामने आई है।
मलेशिया के लिए यह रुचि ऐसे समय में सामने आई है जब भारत के साथ उसका रक्षा सहयोग पहले से बढ़ रहा है। फरवरी 2026 की भारत-मलेशिया संयुक्त घोषणा में दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, अभ्यास और रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया था।
मोदी-अनवर मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की द्विपक्षीय मुलाकात हुई। भारत सरकार के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा के साथ व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसी बीच, सितंबर में भारतीय नौसेना का INS Mysore मलेशिया पहुंचा और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मणा’ का चौथा संस्करण आयोजित किया गया। इससे दोनों देशों के बढ़ते समुद्री और रक्षा सहयोग की तस्वीर भी सामने आती है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मलेशिया ने ब्रह्मोस में रुचि और शुरुआती बातचीत की पुष्टि की है, लेकिन खरीद का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।


