- आईजी आकाश कुलहरि का जालौन दौरा बना एक्शन मोड का उदाहरण
- महिला से अभद्रता के मामलों पर सख्त रुख, तत्काल निलंबन
- विवेचनाओं में देरी पर गिरी गाज, दरोगा और लापरवाह एसओ सस्पेंड
हरी सिंह
जालौन।जालौन जनपद पहुंचे आईजी आकाश कुलहरि के दो दिवसीय दौरे ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों, महिला से अभद्रता की शिकायतों, विवेचनाओं में अनावश्यक देरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर आईजी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मौके पर ही कड़ा एक्शन लिया। बिना किसी ढिलाई के दरोगा और लापरवाह एसओ समेत कुल 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि 3 कर्मियों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए।
यह भी पढ़ें
https://nationstationnews.com/latest-news/6974/
महिला से अभद्रता और लापरवाही पर सख्त रुख
आईजी के निरीक्षण में महिला शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अभद्रता के आरोप सामने आए। इस पर आईजी ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की गरिमा से जुड़ा कोई भी मामला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई कर यह संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था के साथ संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है।
विवेचनाओं में देरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी
कई मामलों में विवेचना लंबित पाए जाने और केस डायरी/रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। आईजी ने साफ निर्देश दिए कि विवेचना में देरी अपराध को बढ़ावा देती है और इससे पीड़ित को न्याय मिलने में बाधा आती है। इसी आधार पर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
गायब फाइलों पर बड़ी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने का मामला सामने आते ही आईजी ने सख्ती दिखाते हुए बड़े बाबू समेत दर्जनों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। रिकॉर्ड प्रबंधन में लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए जवाबदेही तय की गई।
यह भी पढ़ें
https://nationstationnews.com/latest-news/6968/
स्पष्ट संदेश: अनुशासन सर्वोपरि
आईजी आकाश कुलहरि ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि पुलिस महकमे में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा। जनता के विश्वास को तोड़ने वाली हर लापरवाही पर तत्काल और कठोर कार्रवाई होगी।
जिलेभर में चर्चा, पुलिसकर्मियों में संदेश
इस ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई के बाद जिलेभर में चर्चा तेज हो गई है। पुलिसकर्मियों के बीच साफ संदेश गया है कि अधिकारी हो तो ऐसा—जो मौके पर निर्णय ले और जिम्मेदारी तय करे। आमजन में भी यह भरोसा बढ़ा है कि शिकायतों पर अब त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
यह भी पढ़ें
https://nationstationnews.com/latest-news/6964/
निष्कर्ष:
आईजी के इस दौरे ने साफ कर दिया कि जालौन में कानून-व्यवस्था के साथ अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस लागू है। लापरवाही करने वालों के लिए चेतावनी और ईमानदारी से काम करने वालों के लिए यह भरोसे की मुहर है।


