परविंदर झोटा के परिवार से मिलीं हरसिमरत कौर बादल, पंजाब सरकार को बर्खास्त करने की मांग

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  • नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता की मौत पर उठाए सवाल, आरोपी केमिस्ट को हथियार लाइसेंस देने और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा मांगा, कहा—नशा कारोबार को संरक्षण देने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

मानसा/बठिंडा, 17 अक्टूबर। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद बीबा हरसिमरत कौर बादल ने नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को तत्काल बर्खास्त करने और मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा देने की मांग उठाई। बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

परिवार से मुलाकात के दौरान हरसिमरत कौर बादल ने परविंदर झोटा के माता-पिता, पत्नी और किशोर बच्चों से बातचीत की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।

पत्रकारों से बातचीत में बादल ने कहा कि परविंदर झोटा की मां को गले लगाते समय उनके पास सांत्वना देने के लिए शब्द नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, पीड़ित परिवार की पीड़ा पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आरोपी केमिस्ट को हथियार लाइसेंस देने पर उठाए सवाल

हरसिमरत कौर बादल ने परविंदर झोटा की हत्या के मामले में आरोपी बताए गए अश्विनी कुमार को हथियार का लाइसेंस दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 में ड्रग मामले में जेल से रिहा होने के कुछ महीनों बाद उसे हथियार का लाइसेंस मिल गया था। बादल के अनुसार, संबंधित मेडिकल स्टोर पर कई बार छापेमारी हुई थी और उसका लाइसेंस भी रद्द किया गया था।

उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्थानीय विधायक, ड्रग इंस्पेक्टर, डीएसपी और एसएसपी की भूमिका की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने सहित अनुकरणीय सजा देने की मांग की।

बादल ने सुनाम के मोहनजीत सिंह और दिड़बा के गुलजार सिंह से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलने के कारण पंजाब में समस्या गंभीर बनी हुई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

भगवंत मान से इस्तीफे की मांग

हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पेरिस दौरे के लिए केंद्र से अनुमति लेने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालने के नाते कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार की जवाबदेही बनती है। बादल ने परविंदर झोटा की हत्या, पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की घटनाओं और नशे की ओवरडोज से होने वाली मौतों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

अब निगाहें जांच और कार्रवाई पर: परविंदर झोटा के परिवार को न्याय दिलाने, आरोपी को हथियार लाइसेंस दिए जाने की परिस्थितियों की जांच और कथित संरक्षण की भूमिका उजागर करने की मांग के बीच यह मामला पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही पर बहस को फिर सामने लाता है। आरोपों पर संबंधित सरकारी विभागों और अन्य पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

इनपुट: सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार एवं साहिल रहेजा

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