- 20 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती कब? पुरानी नियमावली लागू करने की उठी मांग
- नई नियमावली से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य संकट में? पुरानी व्यवस्था से भर्ती की मांग
- TGT-PGT अभ्यर्थियों की बड़ी मांग—पुरानी नियमावली से जारी हो भर्ती विज्ञापन
न्यूज़ डेस्क
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और प्रवक्ता (PGT) के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष, युवा मंच अनिल सिंह ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर युवाओं के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
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पत्र में कहा गया है कि माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी और पीजीटी के बड़ी संख्या में पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में इन पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी किया जाना आवश्यक है। युवा मंच का आरोप है कि 16 सितंबर 2025 को नई नियमावली का गजट जारी होने के बाद करीब सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों के सामने बीएड डिग्री को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
नई नियमावली में बदलाव से अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
युवा मंच के अनुसार, पुरानी नियमावली में 105 वर्षों से शिक्षक बनने के लिए लागू कुछ प्रावधानों में बदलाव किया गया है। नई नियमावली में बीएड डिग्री से संबंधित प्रावधानों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। संगठन का कहना है कि इससे लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ने की आशंका है।
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पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई नियमावली को लागू हुए करीब 10 महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई अभ्यर्थी नई व्यवस्था के तहत डिग्री हासिल करने की स्थिति में नहीं है। संगठन के मुताबिक नई नियमावली में निर्धारित डिग्री प्राप्त करने में कम से कम तीन से पांच वर्ष का समय लग सकता है। ऐसे में वर्तमान रिक्त पदों पर नई नियमावली के आधार पर भर्ती शुरू करना युवाओं के हित में उचित नहीं होगा।
बीएड की अनिवार्यता और विषयों की योग्यता में बदलाव पर सवाल
युवा मंच ने कहा कि नई नियमावली में प्रवक्ता पद के लिए बीएड डिग्री को अनिवार्य किया गया है, जबकि पुरानी नियमावली में इसकी अनिवार्यता नहीं थी। इसके अलावा प्राविधिक कला को नई नियमावली से बाहर किए जाने और हिंदी, संगीत, अंग्रेजी तथा खेल एवं शारीरिक शिक्षा की योग्यता में बदलाव का भी मुद्दा उठाया गया है।
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संगठन का कहना है कि इन बदलावों से प्रदेश के लाखों युवा प्रभावित हो सकते हैं। पत्र में मांग की गई है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर शासन द्वारा स्थिति स्पष्ट की जाए और वर्तमान में रिक्त पड़े पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
आयोग के पैटर्न में बदलाव का भी दिया हवाला
युवा मंच ने अपने पत्र में लोकसेवा आयोग और संघ लोकसेवा आयोग द्वारा परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के बाद अभ्यर्थियों को अवसर दिए जाने का भी उल्लेख किया है। संगठन का कहना है कि जब परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया गया, तो माध्यमिक शिक्षा विभाग की नई नियमावली के कारण प्रभावित हो रहे अभ्यर्थियों के हितों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
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पत्र के अंत में युवा मंच ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए और टीजीटी-पीजीटी के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के तहत भर्ती विज्ञापन जारी कराया जाए।





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