लखनऊ। लखनऊ–कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में धंसाव की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ कई अहम कार्रवाई की घोषणा की है। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NHAI ने बताया कि परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य और निगरानी व्यवस्था की जवाबदेही तय की जा रही है।
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- निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की प्रक्रिया के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% तक जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
- प्रभावित हिस्से की मरम्मत कंपनी अपने खर्च पर करेगी, जिसका वित्तीय भार NHAI पर नहीं आएगा।
- परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर और रेजिडेंट इंजीनियर को हटाया गया है।
- तीन अधिकारियों को दो वर्षों के लिए MoRTH, NHAI और NHIDCL की परियोजनाओं में भागीदारी से प्रतिबंधित किया गया है।
- वर्तमान एवं पूर्व परियोजना निदेशकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- स्वतंत्र अभियंता कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया है।
- धंसाव के कारणों की तकनीकी जांच के लिए Indian Institute of Technology Kharagpur के विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है।
- मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद रहेगी तथा राजस्व हानि की भरपाई संबंधित कंपनी से की जाएगी।
जनता के बीच उठ रहे सवाल
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एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर विपक्ष, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं लखनऊ आउटर रिंग रोड (किसान पथ) की गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और संकेतकों की कमी को लेकर भी लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
अब सभी की निगाहें IIT खड़गपुर की तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि धंसाव किन कारणों से हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे।





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