जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का गलत चित्रण नामंजूर, दुनिया के नए नक्शे पर भारत की UN को दो टूक
संयुक्त राष्ट्र के मानचित्र में भारतीय क्षेत्रों की सीमाओं और स्थिति को लेकर भारत ने जताई आपत्ति
विदेश मंत्रालय ने कहा—भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं
*नई* दिल्ली। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के गलत चित्रण को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सामने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार्य नहीं है।
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भारत की आपत्ति संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक नए वैश्विक मानचित्र को लेकर सामने आई है। भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और संप्रभु क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों को किसी भी मानचित्र, दस्तावेज या आधिकारिक सामग्री में गलत तरीके से दर्शाना भारत को स्वीकार नहीं है।
*मानचित्र में बदलाव पर भारत ने जताई आपत्ति*
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र के संबंधित पक्षों के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा जारी किए जाने वाले मानचित्रों में भौगोलिक सीमाओं और क्षेत्रों की स्थिति को सही तरीके से दर्शाया जाना चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी गलत चित्रण से जमीनी वास्तविकता या भारत के वैधानिक दावे पर कोई असर नहीं पड़ता।
*क्षेत्रीय अखंडता पर भारत का रुख स्पष्ट*
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भारत लंबे समय से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर अपने रुख को स्पष्ट करता रहा है। नई दिल्ली का कहना है कि देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका या गलत प्रस्तुति स्वीकार नहीं की जा सकती। भारत ने संयुक्त राष्ट्र से भी आधिकारिक सामग्री में तथ्यों और सही सीमांकन का ध्यान रखने की अपेक्षा जताई है।



