रेलवे में नई हरित क्रांति: 110 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन, 120 की स्पीड का ट्रायल पूरा

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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल रेल परिवहन की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल-सेल ट्रेन का 120 किमी/घंटे की रफ्तार पर ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब रेलवे इसे नियमित परिचालन में 110 किमी/घंटे तक की अधिकतम गति से चलाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ सतीश कुमार ने यह जानकारी दी है।

अभी 75 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही ट्रेन

फिलहाल हाइड्रोजन ट्रेन को हरियाणा के जींद-सोनीपत सेक्शन पर अधिकतम 75 किमी/घंटे की स्वीकृत परिचालन गति से चलाया जा रहा है। रेलवे ने 120 किमी/घंटे की गति का परीक्षण पूरा कर लिया है और अब 110 किमी/घंटे की नियमित परिचालन गति के लिए तकनीकी एवं परिचालन तैयारियों पर काम किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग रेल सेक्शनों और हाइड्रोजन ईंधन की आपूर्ति से जुड़े इंतजामों पर भी विचार चल रहा है।

धुआं नहीं, पानी की भाप निकलेगी

हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजन की तरह ईंधन जलाकर नहीं चलती। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से ट्रेन के भीतर बिजली पैदा होती है। इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद पानी की भाप है, जिससे धुएं और सीधे कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आती है। रेलवे के अनुसार ट्रेन में 10 कोच हैं और इसमें करीब 2,600 यात्रियों की क्षमता है।

जींद-सोनीपत सेक्शन को इस तकनीक के प्रदर्शन के लिए चुना गया है। रेलवे के पास जींद में हाइड्रोजन के भंडारण और रिफ्यूलिंग की समर्पित व्यवस्था भी विकसित की गई है।

भारत की ग्रीन रेल यात्रा को मिलेगी रफ्तार

हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को भारतीय रेलवे के हरित और आत्मनिर्भर परिवहन मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 110 किमी/घंटे की परिचालन गति हासिल होने के बाद इस तकनीक के भविष्य में अन्य गैर-विद्युतीकृत या उपयुक्त रेल मार्गों पर विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

स्रोत: रेलवे बोर्ड/PIB, PTI रिपोर्ट

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