भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर IMF की मुहर, बताया मजबूत प्रदर्शन

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  • सेवा क्षेत्र और निर्यात ने दी अर्थव्यवस्था को रफ्तार, वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती
  • IMF बोला—भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन, अक्टूबर में आएगा नया विकास अनुमान

नई दिल्ली, 12 सितंबर। भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान देश की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इस प्रदर्शन को अपनी अपेक्षाओं से बेहतर बताते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया है।

IMF की प्रवक्ता जूली कोजैक ने कहा कि भारत की 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि IMF के कर्मचारियों के अनुमान और अन्य पर्यवेक्षकों के औसत अनुमान से अधिक रही। उनके अनुसार, इस बेहतर प्रदर्शन में सेवा क्षेत्र की उम्मीद से मजबूत गतिविधियों और निर्यात की बेहतर स्थिति का अहम योगदान रहा।

ऊर्जा संकट के बावजूद अर्थव्यवस्था की रफ्तार कायम

IMF ने भारत की आर्थिक मजबूती को ऐसे समय में महत्वपूर्ण बताया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था ऊर्जा कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। IMF के मुताबिक, ऊर्जा कीमतों में झटके के बावजूद भारत ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है और वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बना हुआ है।

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, Q1 FY2026-27 में वास्तविक GDP ₹81.36 लाख करोड़ आंकी गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹75.46 लाख करोड़ से 7.8 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में वास्तविक GVA वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही। निवेश में 11.9 प्रतिशत, घरेलू खपत में 7.1 प्रतिशत और निर्यात में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

RBI के अनुमान से भी आगे निकली GDP

7.8 प्रतिशत की वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक के 7 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रही। जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में GDP वृद्धि संशोधित होकर 8.6 प्रतिशत रही थी। इसके बावजूद अप्रैल-जून का आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत घरेलू मांग, निवेश, विनिर्माण और सेवा गतिविधियों की ओर संकेत करता है।

IMF ने भारत की GDP गणना और आर्थिक आंकड़ों की सांख्यिकीय व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों का भी स्वागत किया है। हालांकि, संस्था ने आंकड़ों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में लगातार सुधार जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया है। भारत की आगे की आर्थिक वृद्धि का नया IMF अनुमान अक्टूबर में आने की उम्मीद है।

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