DM ने SDM को बनाया तहसीलदार, यूपी में पहली बार लिया गया बड़ा प्रशासनिक कदम

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  • बलिया में प्रशासनिक इतिहास का नया अध्याय, SDM को बनाया गया तहसीलदार

न्यूज़ डेस्क
बलिया।
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक अहम और चर्चित फैसला सामने आया है। बलिया के जिलाधिकारी IAS मंगला प्रसाद सिंह ने राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश के आदेश के अनुपालन में जिले के दो उपजिलाधिकारियों (SDM) को तहसीलदार के पद पर तैनात कर दिया है। इसे यूपी में SDM को तहसीलदार बनाने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।

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इस फैसले के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि अब जिलाधिकारी को जिले में SDM के कार्य और आचरण को लेकर ज्यादा सख्त अधिकार मिलेंगे। जानकारों के मुताबिक, जिस SDM से जिलाधिकारी असंतुष्ट होंगे, उसे तहसीलदार पद पर भेजा जा सकता है, जिससे यह फैसला एक तरह का अनुशासनात्मक संकेत भी माना जा रहा है।

किन अधिकारियों को बनाया गया तहसीलदार

डीएम बलिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार—

  • PCS देवेंद्र कुमार पांडेय (बैच 2019), वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर, को तहसीलदार सिकंदरपुर नियुक्त किया गया है।
  • PCS धर्मेंद्र कुमार (बैच 2024), डिप्टी कलेक्टर, को तहसीलदार बैरिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने तहसीलों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक हलकों में हलचल

यह निर्णय इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अब तक आमतौर पर तहसीलदार से प्रमोशन पाकर SDM बनने की परंपरा रही है। लेकिन इस आदेश के जरिए SDM को तहसीलदार के पद पर तैनाती ने पूरी व्यवस्था की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई अधिकारी इसे कार्य निष्पादन और जवाबदेही बढ़ाने का कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक सख्ती और नियंत्रण का नया मॉडल मान रहे हैं।

आगे क्या असर पड़ेगा?

इस फैसले के बाद यह माना जा रहा है कि भविष्य में अन्य जिलों में भी इसी तरह के आदेश देखने को मिल सकते हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो उत्तर प्रदेश की राजस्व और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।

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फिलहाल, बलिया डीएम का यह फैसला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि इसका जमीनी प्रशासन और अधिकारियों के कामकाज पर क्या असर पड़ता है।

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