- कर्मचारियों के अधिकार, नियमितीकरण और शोषण के खिलाफ एकजुटता पर जोर, विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन परिसर में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को “संविदा कर्मचारी एकता संघ, उत्तर प्रदेश” का प्रथम त्रैवार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन में प्रदेश भर से आए संविदा कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
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कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने परिवहन निगम में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की समस्याओं—जैसे कम वेतन, अस्थिर नौकरी, सामाजिक सुरक्षा की कमी और शोषण—पर खुलकर चर्चा की। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक संविदा कर्मचारियों को स्थायी समाधान नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
अधिवेशन का मुख्य आकर्षण नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन रहा, जिसमें सर्वसम्मति से अगले तीन वर्षों के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया।
श्री नीरज चौधरी (इटावा) को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया, जबकि श्री हरिशंकर तिवारी (प्रयागराज क्षेत्र) को वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी क्रम में सुश्री सोनी गुप्ता (कानपुर क्षेत्र) को उपाध्यक्ष, श्री संतोष कुमार मिश्र (लखनऊ क्षेत्र) को प्रदेश महामंत्री, श्री अजीत यादव (आजमगढ़ क्षेत्र) को प्रदेश संगठन मंत्री तथा श्री शैलेन्द्र शर्मा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को और मजबूत बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति भी तैयार करेगा, ताकि संविदा कर्मचारियों को न्याय मिल सके।
अधिवेशन के अंत में प्रदेश महामंत्री श्री संतोष कुमार मिश्र ने सभी उपस्थित सदस्यों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन के प्रति समर्पण और एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।



