दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्लाह आजम की याचिकाओं पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई

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  • रामपुर MP/MLA कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती, दोनों ने दाखिल की अलग क्रिमिनल रिवीजन याचिकाएं
  • अब्दुल्लाह की 7 साल और आजम खां की बढ़ाई गई 10 साल की सजा के खिलाफ है याचिका

प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। दोनों ने रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट से सुनाई गई सजा को चुनौती देते हुए अलग-अलग क्रिमिनल रिवीजन याचिकाएं दाखिल की हैं। आज की सुनवाई को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब्दुल्लाह की 7 साल की सजा को चुनौती

दो पैन कार्ड मामले में अब्दुल्लाह आजम को निचली अदालत से सात साल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। जून 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर राज्य सरकार समेत संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में समान तथ्यात्मक और कानूनी सवाल होने के कारण अब्दुल्लाह आजम की याचिका को आजम खां की याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया था। इसके बाद दोनों मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।

आजम खां की सजा 7 से बढ़कर 10 साल

इसी मामले में आजम खां को पहले सात साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में 23 मई 2026 को रामपुर की एमपी/एमएलए सेशन कोर्ट ने उनकी सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी थी, जिसे अब उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

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दोनों के खिलाफ मामला दो अलग-अलग पैन कार्ड और उनमें दर्ज जन्मतिथि से जुड़े आरोपों को लेकर दर्ज हुआ था। निचली अदालत के फैसले के बाद दोनों पक्षों की ओर से कानूनी चुनौती दी गई है।

आज की सुनवाई पर नजर

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अब निगाहें इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। आज की कार्यवाही में अदालत दोनों क्रिमिनल रिवीजन याचिकाओं पर पक्षकारों की दलीलें और मामले की आगे की कानूनी स्थिति पर विचार कर सकती है।

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महत्वपूर्ण: हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होना या सुनवाई होना सजा समाप्त होने के बराबर नहीं है। अंतिम राहत अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।

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“दो पैन कार्ड केस में आजम-अब्दुल्लाह की अग्निपरीक्षा! हाईकोर्ट में आज सुनवाई, 7 और 10 साल की सजा को दी चुनौती”

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