- अवैध खनन, कोयला परिवहन और वसूली से जुड़े धनशोधन मामले में कई ठिकानों पर
- छापेमारी,नकदी, दस्तावेज और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले
न्यूज़ डेस्क
धनबाद/रांची। झारखंड के कोयलांचल धनबाद में कथित अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक रिपोर्टों में इस कार्रवाई के दौरान ₹600 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड के जांच के दायरे में आने की बात सामने आई है। ED की कार्रवाई से धनबाद के कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, ED की रांची जोनल टीम ने धनबाद जिले में करीब 25 से 28 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित अवैध कोयला खनन, कोयले के अवैध परिवहन, परिवहन के नाम पर अवैध वसूली और उससे जुड़े धनशोधन के मामले में की गई। जांच एजेंसी ने विभिन्न परिसरों से वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति संबंधी कागजात, बैंक लेन-देन, निवेश और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की।
अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन की जांच
ED यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन को किन माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच के दौरान जमीन, मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कंपनियों, निवेश योजनाओं और अन्य चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
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जांच एजेंसी की नजर उन वित्तीय लेन-देन पर भी है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर अवैध कमाई को अलग-अलग संपत्तियों और निवेशों में लगाया गया। अधिकारियों द्वारा बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड और संपत्तियों के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
कई कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ पहुंची टीमें
मंगलवार सुबह ED की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर एक साथ पहुंचीं। कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की तलाशी ली गई। कुछ स्थानों पर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की सहायता भी ली गई।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने कई लोगों से पूछताछ की और मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की। छापेमारी के दौरान मिले रिकॉर्ड के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
धनशोधन निवारण कानून के तहत कार्रवाई
ED की यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही जांच का हिस्सा बताई जा रही है। मामले में पहले से दर्ज प्राथमिकी और अन्य जांच रिकॉर्ड के आधार पर कथित अवैध कोयला खनन, परिवहन तथा वसूली से जुड़े धन के स्रोत की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसी यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध गतिविधियों से जुड़े धन का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने, कारोबार बढ़ाने या अन्य निवेशों में करने के लिए तो नहीं किया गया। मामले में वित्तीय लाभ प्राप्त करने वाले लोगों और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज करने की खबर
कार्रवाई से जुड़ी सामने आई जानकारी के अनुसार, एक कोयला कारोबारी से जुड़े करीब ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा तलाशी के दौरान ₹1 करोड़ से अधिक नकदी मिलने और उसे जब्त किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
हालांकि, ₹600 करोड़ से अधिक की संपत्तियों से जुड़े दावे, संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और अंतिम कानूनी कार्रवाई को लेकर ED की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही संपत्तियों के संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
कोयलांचल में लंबे समय से अवैध कारोबार की शिकायतें
धनबाद देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में शामिल है। यहां कोयला खनन, परिवहन और आपूर्ति से जुड़ी गतिविधियां बड़े स्तर पर संचालित होती हैं। लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन, कोयले की चोरी, अनधिकृत परिवहन और कथित वसूली से जुड़े मामलों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने भी धनबाद और आसपास के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन तथा कोयला चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई थी। इसके बाद विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों द्वारा निगरानी और कार्रवाई तेज की गई।
आगे बढ़ सकती है जांच
ED की छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में नए खुलासे होने की संभावना है। एजेंसी संपत्तियों के स्रोत, निवेश के तरीके, बैंक लेन-देन और कथित अवैध कारोबार से जुड़े धन के प्रवाह की जांच कर रही है।
जांच में यदि किसी संपत्ति को कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़ा पाया जाता है तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जिन लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली गई है, उनकी ओर से अब तक विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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ED की कार्रवाई को धनबाद के कथित अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मामले में जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी की रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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