- रायबरेली के पुलिस अधीक्षक (SP) हैं डॉ. यशवीर सिंह
- अपराध नियंत्रण और पुलिस अनुशासन पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति
- फर्जी गिरफ्तारी मामले में हाईकोर्ट जांच के आदेश के बाद भी जनता में लोकप्रिय
- अपराधियों पर कार्रवाई, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
कठोर लेकिन न्यायप्रिय अधिकारी की छवि
रायबरेली के वर्तमान पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने जिले में पदभार ग्रहण करते ही साफ़ संदेश दिया था — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने अपनी सख़्त कार्यशैली और अनुशासनप्रिय रवैये से पुलिस प्रशासन में नई ऊर्जा भर दी है।
पुलिस लाइन में निरीक्षण के दौरान उन्होंने जवानों की वर्दी, अनुशासन और ड्यूटी व्यवहार की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही कई थानों के प्रभारियों और कांस्टेबलों का फेरबदल कर दिया, जिससे व्यवस्था में गतिशीलता आई।
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अपराध पर नकेल और बड़ी कार्रवाइयाँ
डॉ. यशवीर सिंह के नेतृत्व में रायबरेली पुलिस ने कई बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं।
हाल ही में झारखंड के हज़ारीबाग से आए एक ठगी गिरोह को पकड़ा गया, जो “बर्तन बदलने” के बहाने महिलाओं के आभूषण चुराने का काम करता था। एसपी ने इस कार्रवाई को “महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का हिस्सा” बताया।
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इसके अलावा, एक दलित व्यक्ति की हत्या के मामले में उन्होंने निष्पक्ष जांच का आदेश देते हुए कहा कि किसी भी घटना को “जातिगत रंग” देने की बजाय तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
हाईकोर्ट जांच के बावजूद जनता में विश्वास कायम
2024 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. यशवीर सिंह के खिलाफ एक छात्र की कथित फर्जी गिरफ्तारी के मामले में जांच का आदेश दिया था। इस प्रकरण ने उन्हें विवादों में ला दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता से संवाद बनाए रखा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “एसपी साहब सख़्त जरूर हैं, लेकिन निष्पक्ष हैं। अगर गलती पुलिस की है तो वे उस पर भी कार्रवाई करते हैं।”
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पुलिस सुधार की दिशा में प्रयास
एसपी यशवीर सिंह ने रायबरेली में पुलिस-जनसंवाद बढ़ाने की दिशा में भी पहल की है।
- हर सप्ताह थानों की आकस्मिक जांच
- शिकायतों के निस्तारण में देरी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई
- चौकियों में CCTV और शिकायत रजिस्टर की अनिवार्यता
- रात गश्त की नियमित मॉनिटरिंग
उनकी इस सख़्त लेकिन व्यवहारिक नीति से कई थानों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ी है।
जनता में बढ़ा भरोसा
डॉ. यशवीर सिंह की कार्यशैली को लेकर रायबरेली में दो राय हैं —
एक तरफ़ उन्हें “कठोर लेकिन निष्पक्ष” अधिकारी कहा जाता है, तो दूसरी तरफ़ कुछ पुलिसकर्मी उन्हें “सख़्त डिसिप्लिन मास्टर” मानते हैं।
फिर भी, जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
निष्कर्ष
रायबरेली के एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने अपने निर्णयों से यह साबित किया है कि यदि इरादा साफ़ हो, तो व्यवस्था में बदलाव लाया जा सकता है।
उनकी सख़्ती, पारदर्शिता और पेशेवर रवैया आज रायबरेली पुलिस की पहचान बन चुका है।
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