- ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान से महिलाओं को लाभ
- 40 जिलों में ICU और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की सुविधा
- आयुष्मान भारत योजना से अब तक 13 लाख लोगों को लाभ
लखनऊ | गौरव श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब “स्वस्थ शहर” की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए पिछले एक वर्ष में कई नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है।
CHC में 97 जांच सुविधाएँ, रिपोर्ट मोबाइल पर
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को अत्याधुनिक जांच सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 40 जांच सेवाएँ उपलब्ध थीं, जिन्हें बढ़ाकर 97 जांचों तक ले जाने की योजना है। मरीजों को जांच रिपोर्ट अब 24 घंटे के भीतर मोबाइल पर भेजी जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
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“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान बना मिसाल
17 सितंबर से केजीएमयू परिसर से शुरू हुआ “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान अब पूरे ज़िले में चल रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण जांच, और मुफ्त दवाइयों की व्यवस्था की गई है। इस पहल का मकसद मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
आईसीयू और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स से बढ़ी पहुँच
राज्य के 40 जिलों में नए आईसीयू यूनिट्स शुरू किए गए हैं। लखनऊ में भी गंभीर रोगियों के लिए समर्पित बेड बढ़ाए गए हैं। साथ ही, चार मोबाइल मेडिकल यूनिट्स लॉन्च की गई हैं, जो दूरदराज़ बस्तियों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं।
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100 नए ओपन एयर जिम और फिटनेस ज़ोन
नगर निगम ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न पार्कों में 100 अतिरिक्त ओपन एयर जिम लगाने की योजना तैयार की है। फिटनेस ट्रेनर्स की नियुक्ति भी प्रस्तावित है। इससे गैर-संचारी रोगों जैसे डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
आयुष्मान भारत से अब तक 13 लाख लाभार्थी
लखनऊ में आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 13 लाख से अधिक लोगों ने मुफ्त उपचार का लाभ लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के बजट 2024–25 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹27,000 करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
फिर भी चुनौतियाँ बाकी हैं
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ी जरूर है, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों और उपकरणों की कमी अभी भी बनी हुई है। गैर-संचारी रोगों के साथ-साथ कुपोषण की समस्या भी चिंता का विषय है।
सरकार का दावा – “स्वस्थ लखनऊ, सशक्त उत्तर प्रदेश” लक्ष्य के करीब
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में पीड़ित न रहे। तकनीक, पारदर्शिता और जनसहभागिता से स्वास्थ्य प्रणाली को और सशक्त बनाया जा रहा है।”
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