- अवैध वाहनों के संचालन से परिवहन निगम की आय प्रभावित होने का यूनियन का आरोप
- अवध बस स्टेशन समेत प्रमुख चौराहों पर जुटेंगे कर्मचारी, संविदा चालकों-परिचालकों के वेतन में कटौती का मुद्दा उठाया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध वाहनों के संचालन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो 13 अक्टूबर 2026 को लखनऊ और रायबरेली में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन के प्रदेश संयोजक जसवंत सिंह ने संपादक के नाम जारी पत्र में आरोप लगाया कि लखनऊ क्षेत्र के विभिन्न डिपो से जुड़े कर्मचारी 1 अक्टूबर से जनजागरण अभियान और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रमुख पिकिंग प्वाइंटों से डग्गामार वाहनों का संचालन जारी है।
निगम की आय और कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा
यूनियन का कहना है कि अवैध वाहनों के संचालन से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की आय प्रभावित हो रही है। संगठन ने दावा किया कि आय में कमी का असर संविदा चालकों और परिचालकों पर भी पड़ रहा है तथा उनके वेतन में कटौती की स्थिति बन रही है। यूनियन ने इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों और प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर विरोध की तैयारी
यूनियन की चेतावनी के अनुसार, 13 अक्टूबर को अवध बस स्टेशन, पॉलिटेक्निक चौराहा, नहरिया चौराहा आलमबाग, टेढ़ी पुलिया आलमबाग, अहिमामऊ चौराहा और मड़ियांव चौराहे समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर कर्मचारी विरोध अभियान चलाएंगे। रायबरेली के सिविल लाइन चौराहे पर भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई है।
चिन्हित पिकिंग प्वाइंटों पर कार्रवाई की मांग
यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि चिन्हित स्थानों पर अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। संगठन का कहना है कि इस कार्रवाई से परिवहन निगम के हितों की रक्षा करने के साथ कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने में भी मदद मिल सकती है।
यूनियन ने प्रस्तावित विरोध अभियान को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए समाचार पत्रों और अन्य मीडिया संस्थानों से सहयोग की अपील की है।
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