- फाइलें संभालेंगे मशीन असिस्टेंट, जनता को मिलेगी तेज़ सेवा
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली।
डिजिटल इंडिया मिशन अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। भारत सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने के लिए अब सरकारी दफ्तरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रोबोटिक सिस्टम और वर्चुअल असिस्टेंट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में यह प्रणाली रेलवे, आयकर विभाग, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालयों में लागू की जा रही है। इन विभागों में ऐसे AI चैटबॉट और स्मार्ट सिस्टम लगाए जा रहे हैं जो नागरिकों की शिकायतों का जवाब खुद देंगे और फाइलों की स्थिति रियल-टाइम में अपडेट करेंगे।
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फाइलों का ऑटो ट्रैकिंग सिस्टम
डिजिटल इंडिया 2.0 के अंतर्गत विकसित किया गया यह AI फाइल ट्रैकिंग सिस्टम अब फाइलों की गति और अधिकारियों की जवाबदेही दोनों पर नज़र रखेगा।
इससे जहां पहले किसी फाइल को पास होने में 10 से 15 दिन लगते थे, वहीं अब यह काम सिर्फ 2 से 3 दिन में पूरा हो रहा है।
रेलवे और नगर निगमों में रोबोट की तैनाती
कई रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की मदद के लिए AI हेल्प डेस्क रोबोट लगाए गए हैं, जो टिकट, ट्रेन स्टेटस और प्लेटफॉर्म से जुड़ी जानकारी आवाज़ से देने में सक्षम हैं।
वहीं नगर निगमों में स्मार्ट रोबोट नागरिकों की शिकायतें दर्ज कर रहे हैं और विभागीय अधिकारी को स्वचालित रूप से सूचना भेज रहे हैं।
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सरकारी दावा: भ्रष्टाचार में कमी, पारदर्शिता में वृद्धि
सरकार का कहना है कि इन तकनीकी सुधारों से भ्रष्टाचार में कमी आएगी और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक —
“AI कोई खतरा नहीं, बल्कि सहयोगी है। इसका मकसद कर्मचारियों की जगह लेना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक कुशल बनाना है।”
विशेषज्ञों की चेतावनी
हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि इन सिस्टम्स के साथ डेटा सुरक्षा और निगरानी (Surveillance) को लेकर सतर्कता जरूरी है।
AI के ज़रिए नागरिकों की जानकारी को कैसे और कहाँ स्टोर किया जा रहा है, इस पर सख्त नीति बनाना बेहद ज़रूरी है।
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नौकरशाही में डिजिटल क्रांति की ओर भारत
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सरकारी कामकाज का बड़ा हिस्सा AI और ऑटोमेशन के ज़रिए संचालित होगा।
भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो रहा है जो सरकारी स्तर पर इतनी बड़ी AI ट्रांजिशन प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
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निष्कर्ष:-
सरकारी दफ्तरों में रोबोट और AI का प्रवेश प्रशासनिक दक्षता का नया अध्याय खोल सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तकनीक के इस प्रयोग से जनता को कितनी राहत मिलती है — और नौकरशाही कितना तेजी से इस डिजिटल बदलाव को अपनाती है।




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