हुनर से संवारी बुजुर्गों की मुस्कान, आरसेटी के युवाओं ने वृद्धाश्रम में की हेयर कटिंग

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  • प्रशिक्षणार्थियों ने पेश की सेवाभाव की मिसाल, बुजुर्गों को दिया साफ-सुथरा लुक
  • कौशल के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास भी जरूरी : सरफराज हुसैन

रामपुर। हुनर का सही इस्तेमाल केवल रोजगार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज सेवा और दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में भी है। इसी भावना के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के मेंस पार्लर एवं सैलून उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षणार्थियों ने वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों की हेयर कटिंग की। युवाओं की इस पहल से बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी नजर आई।

प्रशिक्षणार्थियों ने अपने हुनर का उपयोग करते हुए बुजुर्गों के बाल काटे और उन्हें साफ-सुथरा व व्यवस्थित लुक दिया। इस दौरान युवाओं ने बुजुर्गों से आत्मीयता के साथ बातचीत भी की। उनकी इस पहल ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सेवाभाव का संदेश दिया।

कौशल के साथ मानवीय मूल्यों पर जोर

आरसेटी के फैकल्टी सरफराज हुसैन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करने के साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अपने हुनर से बुजुर्गों की सेवा करना सराहनीय पहल है। इससे युवाओं को अपने कौशल का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है।

उन्होंने वृद्धाश्रम के कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए बुजुर्गों की देखभाल और उनके प्रति अपनत्व की भावना की सराहना की।

स्वरोजगार के साथ समाज सेवा का संदेश

आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में निःशुल्क प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। वृद्धाश्रम में आयोजित इस गतिविधि ने संदेश दिया कि कौशल केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज सेवा और दूसरों के जीवन में खुशियां लाने का माध्यम भी है।

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