रामपुर में 8,734 टीबी मरीज चिह्नित, 102 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त मानकों पर खरी उतरीं

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

  • टीबी उन्मूलन अभियान से युवाओं को जोड़ने की पहल, जिले में गठित हुईं सात ‘जोश’ टीमें
  • छह हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों से स्क्रीनिंग, 82 एमडीआर-टीबी मरीजों का चल रहा उपचार

रामपुर। जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में ‘जोश’ (ज्वाइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, लोगों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने और सामुदायिक सहभागिता मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

8 अक्टूबर को विकास भवन सभागार में ‘जोश’ टीम का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन किया। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जिले में सात टीमें गठित की गई हैं। इनमें छह टीमें ब्लॉक स्तर पर और एक टीम शहरी क्षेत्र में काम करेगी। प्रत्येक टीम में एक क्लास-1 अधिकारी, पांच माई भारत स्वयंसेवक और पांच एनसीसी कैडेट शामिल हैं। टीमें ‘टीबी मुक्त भारत’ ऐप के माध्यम से अपनी गतिविधियों की रिपोर्टिंग भी करेंगी।

जनवरी से अब तक 8,734 मरीज चिह्नित

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक जिले में 8,734 टीबी मरीज चिह्नित किए गए हैं। इनमें 6,403 मरीजों का उपचार चल रहा है, जबकि 2,180 मरीज उपचार पूरा कर चुके हैं। वहीं, 82 एमडीआर-टीबी मरीजों का वीपॉल रेजिमेन से इलाज किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, इस उपचार पद्धति से गंभीर श्रेणी के मरीजों को छह माह में उपचार पूरा करने में मदद मिल रही है।

102 ग्राम पंचायतें और 29 शहरी वार्ड मानकों पर खरे

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि वर्ष 2026 में जिले की सभी 680 ग्राम पंचायतों और 231 शहरी वार्डों में टीबी की जांच एवं स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक 102 ग्राम पंचायतें और 29 शहरी वार्ड टीबी मुक्त मानकों को पूरा कर रहे हैं।

इससे पहले वर्ष 2025 में 51, वर्ष 2024 में 15 और वर्ष 2023 में नौ ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई थीं। संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए जिले में छह हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों से गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जांच सुविधा पहुंचाने के लिए 26 नॉट मशीनें उपलब्ध हैं।

एचआईवी जागरूकता अभियान में भी हुई जांच

जिले में 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक एचआईवी-एड्स जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर लोक कला कार्यक्रम तथा फ्लैश मॉब आयोजित किए गए। एक स्वास्थ्य शिविर में 122 लोगों की जांच के दौरान सिफलिस के दो, पीलिया के आठ और हेपेटाइटिस के दो मरीज चिह्नित किए गए।

जिला कारागार में 518 बंदियों की जांच में सिफलिस के चार, हेपेटाइटिस के 40 और एचआईवी का एक मामला सामने आया। संबंधित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त नशा मुक्ति केंद्र, राजकीय बालगृह तथा डिग्री और इंटर कॉलेजों में भी जांच एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

नेशन स्टेशन न्यूज़ | nationstationnews.com

[wps_visitor_counter]