- पंजाब सरकार ने प्रकाश पर्व के आयोजनों के लिए रखा ₹100 करोड़ का बजट, 13 हजार गांवों में दिखाई जा रही डॉक्यूमेंट्री
- शिक्षा, सामाजिक समानता और जातिगत भेदभाव के खात्मे से ही गुरु जी की शिक्षाओं को मिल सकेगा वास्तविक सम्मान
तलवंडी साबो/बठिंडा, 8 अक्टूबर। श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित अकाल यूनिवर्सिटी, तलवंडी साबो में विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें संतों, शिक्षाविदों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और इतिहास के जानकारों ने गुरु जी की वाणी, जीवन दर्शन और शिक्षाओं पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बेगमपुरा की अवधारणा को साकार करने, सामाजिक समानता स्थापित करने और जातिगत भेदभाव जैसी बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
सेमिनार में संत केवल सिंह, संत सुरिंदर दास, तलवंडी साबो की विधायक एवं मुख्य पार्टी सचेतक प्रो. बलजिंदर कौर, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. मनजिंदर सिंह तथा अकाल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. गुरमेल सिंह ने गुरु रविदास जी के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
शिक्षा और सामाजिक समानता से साकार होगा बेगमपुरा का सपना
संत केवल सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी ने अपने समय में ही शिक्षा, मेहनत, जागरूकता और सामाजिक समानता का संदेश दिया था। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा का महत्व समझने और जीवन में लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
संत सुरिंदर दास ने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपना जीवन सामाजिक समानता, न्याय और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध समर्पित किया। उनकी शिक्षाओं को अपनाकर समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को युवाओं को गुरु जी के विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. मनजिंदर सिंह ने कहा कि गुरु रविदास जी ने जीवनभर सामाजिक गैर-बराबरी के खिलाफ आवाज उठाई और बेगमपुरा की अवधारणा प्रस्तुत की। इस विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
प्रकाश पर्व के आयोजनों के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट
विधायक प्रो. बलजिंदर कौर ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की ओर से गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने बताया कि सरकार ने इन आयोजनों के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है। प्रकाश पर्व के अवसर पर सेमिनार, डॉक्यूमेंट्री शो, ड्रोन शो, मैराथन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश के 13 हजार गांवों में डॉक्यूमेंट्री शो दिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही गुरु रविदास जी की वाणी के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए बानी स्टडी सेंटर की आधारशिला रखी गई है।
प्रो. बलजिंदर कौर के अनुसार, श्री गुरु रविदास जी की पवित्र स्थली खुरालगढ़ में गुरु रविदास मेमोरियल का निर्माण भी किया जा रहा है, जिस पर लगभग 37 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मानवता, भाईचारे और सामाजिक समानता के संदेश को मजबूत करना है।
अकाल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. गुरमेल सिंह ने गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं की वर्तमान समय में उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर तलवंडी साबो की डिप्टी मजिस्ट्रेट वीरपाल कौर और उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. मनीष कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


