रायबरेली-उन्नाव बॉर्डर पर अवैध कच्ची शराब से बढ़ रहीं बीमारियाँ

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  • रायबरेली-उन्नाव बॉर्डर पर अवैध कच्ची शराब का कारोबार: बढ़ती बीमारियाँ और मौतों से हड़कंप

रायबरेली/उन्नाव।

उत्तर प्रदेश के रायबरेली और उन्नाव जिलों की सीमा पर स्थित ग्राम शिवपुरी और पठई में अवैध कच्ची शराब का कारोबार लगातार पांव पसार रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कारोबार खुलेआम चल रहा है और स्थानीय प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है।

अवैध शराब के सेवन से क्षेत्र में लीवर, किडनी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अस्पतालों में भर्ती हैं।

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वायरल वीडियो ने खोली प्रशासन की पोल

हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सड़क किनारे लोग खुलेआम कच्ची शराब बेचते और पीते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि न तो कोई डर है, न ही कानून का भय।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कारोबार पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

डॉक्टरों के अनुसार, कच्ची शराब में मिथाइल अल्कोहल और अन्य खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं, जो लीवर फेलियर, किडनी डैमेज, और ब्रेन हैमरेज तक का कारण बन सकते हैं।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह एक स्वास्थ्य आपदा (Health Crisis) बन सकता है।

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ग्रामीणों की मांग — “प्रशासन करे सख्त कार्रवाई”

शिवपुरी और पठई गांव के लोगों का आरोप है कि अवैध शराब का यह धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सख्त अभियान चलाने की मांग की है ताकि इस जहर के कारोबार पर रोक लग सके।

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सामाजिक संगठनों की चेतावनी

स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने भी प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि यदि इस कारोबार पर लगाम नहीं लगी तो यह नशे की लत के साथ-साथ अपराध और घरेलू हिंसा को भी बढ़ावा देगा।

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प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

यह मामला अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस पर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों की जान और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।

रिपोर्ट: नेशन स्टेशन न्यूज़ टीम, रायबरेली-उन्नाव बॉर्डर

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