- बठिंडा में शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइन से धान कटाई पर रोक
- पराली जलाने पर भी प्रतिबंध, 16 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे आदेश
बठिंडा, 8 अक्टूबर। जिला मजिस्ट्रेट राजेश धीमान, आईएएस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बठिंडा जिले में शाम 6 बजे से अगले दिन सुबह 10 बजे तक कंबाइन मशीनों से धान की कटाई पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही धान की कटाई के बाद खेतों में बची पराली, पुआल और फसल के अवशेष जलाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता को नुकसान
जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, धान के अवशेष जलाने से मिट्टी में मौजूद उपयोगी जैविक पदार्थ नष्ट होते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है। इसके अलावा, खेतों में पराली जलाने से आसपास के खेतों, गोदामों और अन्य स्थानों पर आग फैलने का खतरा बना रहता है। इससे जान-माल का नुकसान होने की आशंका भी रहती है।
वायु प्रदूषण रोकने के लिए उठाया कदम
प्रशासन ने पराली जलाने पर रोक लगाने के पीछे पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को प्रमुख कारण बताया है। पराली जलने से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता खराब करता है और लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, ये प्रतिबंध 16 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे। किसानों से नियमों का पालन करने और फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनके उचित प्रबंधन पर ध्यान देने की अपेक्षा की गई है।
बठिंडा से: सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार और साहिल रहेजा


