- बीबीवाला रोड पर नगर सुधार ट्रस्ट की जमीन का हुआ बेहतर इस्तेमाल, एचपीसीएल ने उठाया निर्माण का खर्च
- तीन महीने में पूरा हुआ प्रोजेक्ट, 26 नवंबर 2025 को हुआ था उद्घाटन; सीएनजी स्टेशन और ईवी चार्जिंग की भी योजना
बठिंडा, 13 अक्टूबर। शहर के बीबीवाला रोड पर कभी कचरे के ढेर और प्रदूषण की समस्या के लिए पहचानी जाने वाली जगह अब आधुनिक पेट्रोल पंप के रूप में विकसित हो चुकी है। नगर सुधार ट्रस्ट बठिंडा की जमीन पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की ओर से तैयार किया गया यह पेट्रोल पंप पिछले करीब 11 महीनों से संचालित है। इससे खाली पड़ी जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू हुआ है और क्षेत्र में ईंधन की सुविधा भी उपलब्ध हुई है।
नगर सुधार ट्रस्ट बठिंडा के चेयरमैन जतिंदर भल्ला ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर ईंधन सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पहले से अनुपयोगी पड़ी जमीन का सदुपयोग करना था। उनके मुताबिक, पहले यहां कचरा जमा रहता था और प्रदूषण की समस्या बनी रहती थी। अब उसी स्थान पर आधुनिक पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है। उन्होंने इसे पंजाब के नगर सुधार ट्रस्टों में अपनी तरह की पहली पहल बताया।
तीन महीने में तैयार हुआ पेट्रोल पंप
जानकारी के अनुसार, परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के लगभग तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया गया था। इसका उद्घाटन 26 नवंबर 2025 को हुआ। पेट्रोल पंप के निर्माण पर आने वाला पूरा खर्च एचपीसीएल ने वहन किया। ‘एचपीसीएल ट्रस्ट फ्यूल’ नाम से संचालित इस पंप के माध्यम से खाली जमीन को उपयोगी बनाने के साथ इलाके में नई व्यावसायिक गतिविधि भी शुरू हुई है।
रोजाना करीब सात लाख रुपये की बिक्री का दावा
चेयरमैन जतिंदर भल्ला के अनुसार, पेट्रोल पंप की रोजाना बिक्री लगभग सात लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि भविष्य में यहां गैस स्टेशन विकसित करने की योजना है, जिससे गैस से चलने वाले वाहनों को सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
यह परियोजना शहरी जमीन के बेहतर इस्तेमाल और कचरे की समस्या से जूझ रहे स्थान को उपयोगी सुविधा केंद्र में बदलने का उदाहरण है। प्रस्तावित गैस स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधा शुरू होने पर क्षेत्र के वाहन चालकों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।
रिपोर्ट: सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार एवं साहिल रहेजा, बठिंडा


