1: जंतर-मंतर विवाद में नया मोड़, हिंदू रक्षा दल ने संसद मार्ग थाने में दी शिकायत
2: नाबालिग छात्रा और उसके पिता के खिलाफ भी FIR की मांग, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच जारी
नई दिल्ली। जंतर-मंतर से जुड़े विवाद में अब एक नया मोड़ सामने आया है। नाबालिग छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपी बनाए गए स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने पहुंचे। संगठन की ओर से पुलिस के सामने छात्रा और उसके पिता के खिलाफ भी शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
दरअसल, पूरा विवाद जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता के साथ हुई कथित मारपीट से शुरू हुआ था। शिकायत के मुताबिक, उनके साथ मारपीट की गई और सिर पर चोट आई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले BNS की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बाद में पुलिस ने मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आई एक कथित पॉडकास्ट क्लिप ने विवाद को और तूल दे दिया। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा छात्रा के पिता पर हमले की बात स्वीकार किए जाने का दावा किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया।
मामले में एक और कानूनी मोड़ तब आया, जब नाबालिग छात्रा की ओर से ऑनलाइन धमकी मिलने की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट के तहत अलग एफआईआर दर्ज की। शिकायत में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम भी शामिल बताया गया है।
अब हिंदू रक्षा दल ने स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में संसद मार्ग थाने पहुंचकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि स्वतंत्र के खिलाफ गलत तरीके से गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। साथ ही संगठन की ओर से नाबालिग छात्रा और उसके पिता के खिलाफ भी शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
इस पूरे विवाद में फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस के सामने अब मारपीट की घटना, सोशल मीडिया पर कथित धमकियों और दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच का सवाल है। पुलिस जांच और उपलब्ध डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि किन आरोपों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है।
मामले ने दिल्ली की राजनीति और सामाजिक संगठनों के बीच भी बहस तेज कर दी है। एक तरफ छात्रा और उसके पिता से जुड़े मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है, तो दूसरी तरफ स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में संगठन पुलिस की कार्रवाई को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।





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