बरौनी रिफाइनरी में मजदूर की मौत पर 23 घंटे तक बवाल, 45 लाख रुपये मुआवजे पर बनी सहमति

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  • परिजनों ने की थी एक करोड़ रुपये की मांग, लिखित समझौते के बाद समाप्त हुआ धरना
  • रिफाइनरी प्रबंधन देगा 20 लाख और संवेदक 25 लाख रुपये, मृतक की पत्नी को मिलेगा नियमानुसार पेंशन का लाभ

नेशन स्टेशन न्यूज़ | बेगूसराय, बिहार

ब्यूरो रिपोर्ट: अभिजीत कुमार झा

बेगूसराय। बरौनी रिफाइनरी में एक मजदूर की मौत के बाद परिजनों और साथी मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में रिफाइनरी के गेट नंबर-1 पर करीब 23 घंटे तक धरना-प्रदर्शन चला। मृतक के शव के साथ बड़ी संख्या में मजदूरों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग उठाई। परिजन मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग पर अड़े थे। अंततः रिफाइनरी प्रबंधन, संबंधित संवेदक और प्रदर्शनकारियों के बीच लिखित समझौता होने के बाद 15 अक्टूबर की शाम आंदोलन समाप्त हो गया।

एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े थे परिजन

मजदूर की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा था, वहीं घटना को लेकर स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों में नाराजगी थी। परिजन और ग्रामीण रिफाइनरी के गेट नंबर-1 पर पहुंचे और मृतक के शव के साथ धरना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हो गए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मजदूर की मौत से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में मृतक के आश्रितों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर करीब 23 घंटे तक धरना-प्रदर्शन जारी रहा।

रिफाइनरी प्रबंधन और संवेदक देंगे 45 लाख रुपये

लंबी बातचीत के बाद हुए लिखित समझौते के अनुसार, मृतक के परिजनों को कुल 45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें बरौनी रिफाइनरी प्रबंधन की ओर से 20 लाख रुपये और संबंधित संवेदक की ओर से 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।

समझौते में तय किया गया है कि पूरी राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा मृतक की पत्नी को नियमानुसार पेंशन का लाभ दिलाने पर भी सहमति बनी है। हालांकि, परिजनों ने शुरुआत में एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी, लेकिन अंततः 45 लाख रुपये की सहायता राशि पर समझौता हुआ।

लिखित समझौते के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

करीब 23 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद 15 अक्टूबर की शाम लिखित समझौता होने पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया। इसके बाद परिजन मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए।

मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

बरौनी रिफाइनरी में मजदूर की मौत के बाद हुए इस प्रदर्शन ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा और दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सहायता पर सवाल खड़े किए हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन, दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी तय करना और मृतक के आश्रितों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, लिखित समझौते के तहत 15 दिनों के भीतर 45 लाख रुपये के भुगतान और मृतक की पत्नी को नियमानुसार पेंशन का लाभ दिलाने पर सहमति बनी है। अब समझौते की शर्तों के निर्धारित समयसीमा में पालन पर नजर रहेगी।

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