- वैज्ञानिक विधि से खेती करने और संतुलित उर्वरक उपयोग पर दिया जोर
- गेहूं, सरसों और मटर की उन्नत किस्मों व रोग-कीट प्रबंधन की किसानों को दी गई जानकारी
रामपुर। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और रबी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिलासपुर विकासखंड में इफको की ओर से रबी फसल उत्पादकता वृद्धि विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने की। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर तहसील में नैनो डीएपी से बीजोपचार अभियान का शुभारंभ करते हुए किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाने और संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने की अपील की।
कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि नैनो डीएपी से बीजोपचार तथा फसल की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित विधि से छिड़काव करने से उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने किसानों को नैनो जिंक, नैनो यूरिया और अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करने के लिए प्रेरित किया।
उन्नत बीजों और रोग-कीट प्रबंधन की दी जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मयंक राय और डॉ. अनुज बंसल ने किसानों को गेहूं, सरसों और मटर की उन्नत किस्मों की जानकारी दी। साथ ही फसलों में लगने वाले रोगों और कीटों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के तरीके समझाए।
इफको के उपमहाप्रबंधक ब्रजवीर सिंह ने नैनो डीएपी से बीजोपचार की विधि बताते हुए कहा कि प्रति किलोग्राम बीज पर पांच मिलीलीटर नैनो डीएपी का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने फसलों में नैनो उर्वरकों के छिड़काव के लिए निर्धारित तकनीकी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया।
आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए किया प्रेरित
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष मोहन लाल सैनी ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील की। वहीं, इफको नई दिल्ली के उपमहाप्रबंधक रजनीश पांडे ने विभिन्न फसलों में नैनो उर्वरकों के प्रयोग की विधि और उपयुक्त समय के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि रामकिशन सिंह, जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा, एआर कोऑपरेटिव शिवम मलिक सहित इफको एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। गोष्ठी के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाकर फसल उत्पादन बढ़ाने और उर्वरकों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया गया।


