- रबी फसलों की आधुनिक खेती, संतुलित खाद के इस्तेमाल और प्रमाणित बीजों के चयन पर दिया जोर
- किसान आईडी बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया प्रेरित
बठिंडा, 15 अक्टूबर। पंजाब के बठिंडा जिले के ब्लॉक संगत के गांव राय के कलां में कृषि विभाग की ओर से ब्लॉक स्तरीय किसान जागरूकता कैंप लगाया गया। कैंप में किसानों को धान की पराली का उचित प्रबंधन करने, रबी फसलों की आधुनिक तकनीकों को अपनाने और खेती की सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से पराली नहीं जलाने और पर्यावरण के अनुकूल खेती को प्राथमिकता देने की अपील की।
यह कैंप डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान के दिशा-निर्देशों और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरप्रीत पाल कौर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कृषि विकास अधिकारी डॉ. दिलप्रीत सिंह ने किसानों का स्वागत किया और कृषि विभाग की ओर से चलाई जा रही किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी।
मिट्टी की जांच के आधार पर करें खाद का इस्तेमाल
कैंप में कृषि विकास अधिकारी डॉ. रमनदीप कौर ने मिट्टी और पानी की जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर संतुलित मात्रा में खाद का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, डॉ. यादवीर कौर ने गेहूं की समयानुसार बुवाई, प्रमाणित बीजों के चयन और फसल को बीमारियों से बचाने के उपाय बताए।
डॉ. जसविंदर कौर ने सरसों की उन्नत खेती और कीट नियंत्रण से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर फसलों की बेहतर देखभाल करने की सलाह दी।
पराली जलाने के बजाय मशीनों से करें प्रबंधन
डॉ. विक्की कुमार ने किसानों से धान की पराली को खेतों में जलाने से बचने की अपील की। उन्होंने बताया कि कृषि मशीनों की मदद से पराली का खेत में ही उचित प्रबंधन किया जा सकता है। इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलती है।
कैंप के दौरान बीटीएम रमनदीप कौर ने किसानों को किसान आईडी बनवाने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने कैंप में दी गई जानकारियों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने किसानों को कृषि विभाग और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिशों के अनुसार खेती करने की सलाह दी।
सर्कल इंचार्ज रवनीत कौर ने बताया कि कैंप का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिल सके।
सौजन्य: सुरेश रहेजा, प्रवीण कुमार एवं साहिल रहेजा
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