- छह पुलिस टीमें तलाश में जुटीं, सीसीटीवी फुटेज और सफेद ऑडी की गतिविधियों की जांच जारी
- पोस्टमॉर्टम में 11 बाहरी और छह प्रमुख आंतरिक चोटों का उल्लेख, मां ने प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में कारोबारी शिवा शर्मा (28) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। 9 अक्टूबर 2026 को बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा की मौत हो गई थी। मामले में उसकी लिव-इन पार्टनर और मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे तथा ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों की तलाश में छह पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, संभावित ठिकानों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी की भूमिका थी या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पोस्टमॉर्टम में कई गंभीर चोटों का उल्लेख
घटना 9 अक्टूबर की शाम की बताई जा रही है। शिवा के परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उसकी मां रंजना शर्मा का दावा है कि बेटे के चेहरे पर लिपस्टिक और मेकअप लगा था तथा शरीर पर चोटों और कथित तौर पर सिगरेट से जलाने के निशान थे। परिवार ने घटना की परिस्थितियों के साथ इलाज में कथित देरी की भी जांच कराने की मांग की है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर 11 बाहरी चोटों और छह प्रमुख आंतरिक चोटों का उल्लेख है। दोनों फेफड़ों, लिवर और तिल्ली को नुकसान, अंदरूनी रक्तस्राव तथा पेल्विक हड्डी में फ्रैक्चर जैसी चोटें दर्ज की गईं। रिपोर्ट में मौत का कारण गंभीर चोटों से उत्पन्न शॉक और रक्तस्राव बताया गया है।
हालांकि, चोटों की गंभीरता मात्र से यह साबित नहीं होता कि कारोबारी को धक्का दिया गया था या वह दुर्घटनावश गिरा था। घटना का वास्तविक कारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होना बाकी है।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
शिवा की मां की शिकायत पर हजरतगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की बात मीडिया रिपोर्टों में कही गई है। इसके बाद श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
पुलिस की छह टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में श्रद्धा और उसकी बहन की संभावित लोकेशन को लेकर दिल्ली, नेपाल सीमा के निकट रूपईडीहा और गोरखपुर का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन जानकारियों के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि दोनों नेपाल भाग गई हैं। उनकी वर्तमान लोकेशन और गिरफ्तारी की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
सीसीटीवी फुटेज और सफेद ऑडी की जांच
जांच में सीसीटीवी फुटेज को अहम माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस उस फुटेज की पड़ताल कर रही है जिसमें शिवा के चौथी मंजिल से गिरने का घटनाक्रम दिखाई देने की बात कही गई है। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले और बाद में फ्लैट में कौन मौजूद था और घटनाक्रम किस प्रकार आगे बढ़ा।
कुछ रिपोर्टों में शिवा के गिरने के लगभग 15 मिनट बाद सचिवालय का लेबल लगी एक सफेद ऑडी कार के अपार्टमेंट परिसर में आने का उल्लेख किया गया है। पुलिस वाहन की पहचान, उसकी गतिविधियों और उसमें सवार लोगों के संबंध में तथ्यों की जांच कर सकती है। फिलहाल, कार या उसमें मौजूद किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
मां ने प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप
रंजना शर्मा ने आरोप लगाया है कि श्रद्धा दुबे कथित तौर पर उनके बेटे को प्रताड़ित करती थी और प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कहकर उसे डराती थी। परिवार का दावा है कि शिवा को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जाती थी।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में कथित आर्थिक लेन-देन, व्हाट्सऐप चैट और संपर्कों की जांच का उल्लेख है। पुलिस इन आरोपों की सत्यता और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अभी तक इन आरोपों को न्यायिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पुराने मामले की जानकारी भी आई सामने
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिवा शर्मा का नाम इससे पहले गोमतीनगर के एक नाइटक्लब में 30 अगस्त को हुई फायरिंग की घटना के मामले में भी सामने आया था। रिपोर्टों में उसकी गिरफ्तारी और बाद में जमानत मिलने का उल्लेख है। हालांकि, पुराने मामले का मौजूदा मौत प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह
शिवा शर्मा की मौत के मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है। वह चौथी मंजिल से किन परिस्थितियों में गिरा? घटना के समय फ्लैट में कौन मौजूद था? सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया है? सफेद ऑडी का घटनाक्रम से कोई संबंध है या नहीं? परिवार के आरोपों के समर्थन में पुलिस को क्या साक्ष्य मिले हैं?
इन सवालों के जवाब फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और पुलिस जांच से सामने आ सकते हैं। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, आजतक, हिंदुस्तान टाइम्स और दैनिक जागरण की 13–14 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों पर आधारित।


