- SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन, मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई की मांग
बेगूसराय, बिहार। इंडिया गठबंधन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बेगूसराय में कांग्रेस, राजद, भाकपा, भाकपा माले, माकपा और वीआईपी समेत गठबंधन के विभिन्न घटक दलों ने विरोध मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। जिला परिषद मार्केट से शुरू हुआ मार्च कैंटीन चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया।
प्रदर्शन में गठबंधन के विभिन्न दलों के जिला अध्यक्षों, जिला सचिवों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान पुलिस की ओर से की गई बैरिकेडिंग को पार करते हुए प्रदर्शनकारी कैंटीन चौक पहुंचे। यहां केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जा रही है।
वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करने वाली समिति की संरचना में बदलाव का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल नहीं किए जाने से आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए ये आरोप इंडिया गठबंधन के नेताओं के बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे गरीब, दलित और वंचित वर्ग के मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता बरतने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
गठबंधन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
इन नेताओं के नेतृत्व में निकला मार्च
विरोध मार्च का नेतृत्व इंडिया गठबंधन के संयोजक सह राजद जिलाध्यक्ष मोहित यादव, भाकपा माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, भाकपा जिला मंत्री एवं पूर्व विधायक अवधेश राय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवप्रकाश गरीब दास, माकपा के पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह और वीआईपी के राज्य उपाध्यक्ष आजाद सहनी सहित अन्य नेताओं ने किया।
मार्च में राजद की ओर से कैलाश यादव, महानगर अध्यक्ष शिवजी महतो, फैजूरहमान, हरेराम महतो, मनोज यादव, रीना जायसवाल और सुमन पासवान समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाकपा माले की ओर से चंद्रदेव वर्मा, बैजू सिंह, नवलकिशोर सिंह, राजेश श्रीवास्तव, शैलेन्द्र सिंह, रामकुमार तांती, इन्द्रदेव राम और गजेन्द्र पंडित ने भाग लिया। वहीं भाकपा की ओर से राजेंद्र चौधरी, आमीन हामजा, दिनेश सिंह, जूलूम सिंह और अमरेश कुमार मौजूद रहे।
कांग्रेस की ओर से अभय कुमार सिंह सार्जन, हारून रशीद, ब्रजेश कुमार प्रिंस, अर्जुन सिंह, राहुल कुमार सिंह और कृष्ण कुमार राय सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। माकपा की ओर से दयानिधि चौधरी, शशिकांत राय, विनिताभ और सूरज रजक तथा वीआईपी की ओर से सुनील सहनी समेत अन्य कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
इसके अलावा राजद के मुखी भगत, सुधीर कुमार सिंह और रामानंद प्रसाद तथा माले के संजय ठाकुर और कैलाश महतो समेत बड़ी संख्या में गठबंधन कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने SIR वापस लेने, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग दोहराई।
नेशन स्टेशन न्यूज़
बिहार, बेगूसराय से
ब्यूरो रिपोर्ट — अभिजीत झा


