- शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने निकाला मार्च, समाहरणालय गेट पर सौंपा ज्ञापन
- SIR की स्वतंत्र जांच, हटाए गए मतदाताओं के नामों का पुनः सत्यापन और निर्वाचन आयोग के IT सिस्टम के ऑडिट की उठाई मांग
नेशन स्टेशन न्यूज़ | बिहार ब्यूरो
बेगूसराय (बिहार)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शिता, मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सोमवार को बेगूसराय में जिला कांग्रेस कमिटी ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
श्रीबाबू की प्रतिमा से समाहरणालय तक निकला मार्च
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला परिषद मार्केट, कचहरी रोड स्थित श्रीबाबू की प्रतिमा से मार्च शुरू किया। मार्च हड़ताली चौक होते हुए समाहरणालय गेट तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने की मांग की। प्रदर्शन से पहले श्रीबाबू और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया गया।
प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने जिला पदाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक जांच, मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पुनः सत्यापन, मतदाता डेटाबेस की स्वतंत्र जांच और निर्वाचन आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी (IT) व्यवस्था का तकनीकी ऑडिट कराने की मांग शामिल रही।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
शिव प्रकाश गरीब दास ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग के निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर कथित तौर पर दर्ज आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनके अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, Form-6 तथा चुनावी IT व्यवस्था से जुड़े मामलों की जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की संवैधानिक विश्वसनीयता बनाए रखने और मतदाताओं का भरोसा कायम रखने के लिए संबंधित रिकॉर्ड, फाइलों और निर्णय प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की ओर से निर्णयों को तीनों आयुक्तों की स्वीकृति से लिए जाने की बात कही गई है, इसलिए पूरे मामले के तथ्यों को पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने और मताधिकार से जुड़े मामलों में पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक आरोप लगाते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
गरीब दास ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के साथ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, गिरफ्तारी और कार्यशैली की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई। उन्होंने केरल के पूर्व मुख्य सचिव को भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ने का कथित प्रस्ताव दिए जाने का आरोप भी लगाया।
ये आरोप कांग्रेस नेताओं के बयान हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया इस समाचार सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
‘वोट किसी दल की जागीर नहीं’
शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि वोट किसी राजनीतिक दल या नेता की जागीर नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना उसके मताधिकार पर सीधा आघात है। SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों का जवाब स्वतंत्र जांच, दस्तावेजों और पारदर्शिता के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
संगठन महासचिव हारून रशीद खान ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी चाहती है कि SIR से संबंधित रिकॉर्ड, मतदाता डेटाबेस, Form-6 में हुए बदलाव, नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया और निर्वाचन संबंधी IT प्रणालियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि किसी अधिकारी के खिलाफ कानून के उल्लंघन या पद के दुरुपयोग के आरोप जांच में प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
विशेष SIR शिकायत प्रकोष्ठ बनाने की मांग
कांग्रेस की ओर से बेगूसराय जिले में विशेष SIR शिकायत प्रकोष्ठ गठित करने की मांग भी की गई। पार्टी का कहना है कि इस प्रकोष्ठ के माध्यम से मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जाएं और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो।
ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, उनकी कार्यशैली की स्वतंत्र जांच, निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा और जांच को राजनीतिक व प्रशासनिक प्रभाव से मुक्त रखने के लिए न्यायिक निगरानी की मांग भी शामिल रही।
कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूद
आक्रोश मार्च में विधान पार्षद राजीव कुमार, संगठन महासचिव हारून रशीद खान, रामविलास सिंह, रामानंद सिंह, नारायण सिंह, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह, सुबोध सिंह, ओबीसी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राम स्वार्थ साह, अधिवक्ता आलोक कुमार, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार राय, प्रखंड अध्यक्ष राकेश सिंह, राजेश सिंह, रामबाबू तांती, अताउर रहमान, निशा शर्मा, संजीव कुमार, अशोक कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष ब्रजेश कुमार प्रिंस सहित अनेक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर पार्टी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, नेशन स्टेशन न्यूज़
पटना/बेगूसराय से अभिजीत झा की रिपोर्ट


