दिल्ली में लगा पुराने वाहनों पर डीजल-पेट्रोल का बैन, रितेश ने बेच दी रेंज रोवर कार

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न्यूज़ डेस्क

विवेक कुमावत 

नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल देना बैन कर दिया गया है।रेखा गुप्ता सरकार के इस आदेश से निराश होकर रितेश गंडोत्रा ने अपनी रेंज रोवर कार ही बेच दी।रितेश के पास आठ साल पुरानी डीजल रेंज रोवर कार थी।

 

रितेश गंडोत्रा ने शोसल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उनकी प्रीमियम कार अच्छी तरह से रखी हुई थी और सिर्फ 74,000 किलोमीटर चली थी।अब उन्हें अपनी यह गाड़ी,जिसे उन्होंने 2018 में ₹55 लाख में खरीदा था,डीजल प्रतिबंध के कारण बहुत कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

रितेश गंडोत्रा ने कहा कि मेरी कार 8 साल पुरानी है,एक डीजल गाड़ी है,जिसे मैंने बहुत अच्छे से रखा है और यह सिर्फ 74,000 किलोमीटर चली है। कोविड के दौरान यह दो साल तक खड़ी रही और इसमें अभी आसानी से 2 लाख किलोमीटर से ज्यादा चलने की क्षमता बची है,लेकिन एनसीआर में 10 साल के डीजल प्रतिबंध के कारण अब मुझे इसे बेचना पड़ रहा है और वह भी एनसीआर के बाहर के खरीदारों को,जो बहुत कम कीमत दे रहे हैं।

रितेश गंडोत्रा कहा कि इसी सेगमेंट में अब नई गाड़ी खरीदने पर बहुत ज्यादा खर्च आता है।इससे भी बुरा यह है कि नई गाड़ी खरीदने पर 45% GST + सेस लगता है। यह कोई ग्रीन पॉलिसी नहीं है। यह जिम्मेदार स्वामित्व और सामान्य ज्ञान पर एक सजा है।

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बता दें कि कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पॉलिसी को अनुचित बताया और अधिकारियों से अपील की कि वे एक निश्चित उम्र की सीमा लगाने के बजाय कोई व्यावहारिक नीति अपनाएं। एक यूजर्स ने टिप्पणी की कि मैं चाहता हूं कि पीएम मोदी जी व्यक्तिगत रूप से जनता की इस परेशानी को देखें। दिल्ली में पुरानी कारों पर प्रतिबंध लगाने के इस नियम में वाकई कुछ बदलाव की जरूरत है। वहां और यहां तक कि बाहर भी कोई खुश नहीं दिख रहा है। व्यक्तिगत रूप से मुझे भी लगता है कि यह बुरा है,जब तक कि सरकार पुरानी कारों के लिए अच्छे पैसे देने या पुरानी कार मालिकों को नई कार खरीदने पर कम या कोई टैक्स न देने जैसा कुछ नहीं करती,कुछ किया जाना चाहिए।

एक अन्य यूजर्स ने लिखा कि एक तय उम्र सीमा लागू करने के बजाय,फिटनेस या प्रदूषण जांच-आधारित मॉडल (जैसे यूरोप में) पर्यावरण और निष्पक्षता के बीच बेहतर संतुलन बना सकता है।अगले यूजर्स ने लिखा कि यह मूल रूप से एक ऐसा गिरोह है जो आपको बेवजह एक नया वाहन खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है ताकि वे अधिक टैक्स कमा सकें। नए वाहनों की जबरन बिक्री से टैक्स कलेक्शन बढ़ाने की यह एक बहुत ही चालाक,लेकिन आलसी नीति है।

बताते चलें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 जुलाई से 10 साल से पुराने डीज़ल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों में ईंधन भरने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, भले ही वे फिटनेस टेस्ट पास कर लें।ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे दिल्ली के 350 से अधिक ईंधन स्टेशनों पर लगाए गए हैं ताकि नियमों का पालन न करने वाली कारों की तुरंत पहचान की जा सके।लगभग 62 लाख वाहन एंड ऑफ लाइफ थे,जिनमें 41 लाख दोपहिया और 18 लाख चारपहिया वाहन शामिल थे।

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